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कल्कि ज्ञान सागर - Author on ShareChat
कल्कि ज्ञान सागर
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#🙏 माँ वैष्णो देवी #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #कैलाश मोहन #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🌺भगवान कल्कि जयंती🌺
ऊँ विश्व शांति सत्यमेव जयते अहिंसा जय नवीन विश्व धर्म कल्कि ज्ञान सागर सतयुगी विश्व अहिंसा परमोधर्म का संदेश सम्पूर्णब्रह्माण्ड में जोदिव्य महाशक्त सर्वशक्ति मान है, विशाल ब्रह्माण्ड व सुन्दर सृष्टि के रचियता है वो  सृष्टि के साभी जीवों के रवामी नहीं सेवक बने हुए है। कल्कि साधक फलाश मोषन अद्भुत रहस्यमय सृष्टि सृजन के रहस्यमय ज्ञानानुसार ईश्वर एक है उसके दो स्वरूप दो चरित्र है, जो निर्गुण स्वरूप में विशाल ब्रह्माण्ड के रचियता ज्ञान-विज्ञान , आत्मशक्ति स्वरूप परम गुरूवर है। वहीं सगुण स्वरूप में सुन्दर सृष्टि के रचियता सृष्टि के सभी जीवों के जन्मदाता , पालॅनहार बनकर  बना हुआ है।ज्ञात रहे ईश्वर सृष्टि के सभी जीवों स्वयं ही कर्ता , भरता , हरता 7 हितेषी है, जो निर्गुण स्वरूप में सम्पूर्ण मानव जगत के लोगों को का परम ज्ञान -विज्ञान व आत्मशक्ति प्रदान करता है। मानव को सृष्टि की महामाया  से बचने का ज्ञान देता है। दूष्टि ही सृष्टि है, इंसान अपनी दोनों आँखों को कुछ पल के लिए बंद कर ले तो उसे सृष्टि की महामाया का सारा खेल समझ में आ जायेगा | आँखों के बीना उसके नश्वर भौतिक शरीर का कोई महत्व नहीं है। सृष्टि की दूष्टि में महामाया छुपी हुई है, जो परब्रह्म परमात्मा स्वरूप मनुष्यरूपी जीवात्मा को प्रकृति के पंचतत्वों में बाँधकर कर्मभूमि पर भ्रमित  कर देती है, मानव अपने नश्वर भौतिक शरीर के मोह में अपने सत्य विराट  आत्मस्वरूप को नहीं जान पाता है।मनुष्यरूपी जीवात्मा कर्मभूमि पर अपने विराट आत्मस्वरूप व आत्मकल्याण के मकसद को भूलकर अपने नश्वर  भौतिक शरीर के लिए कर्म करता रहता है। इसलिए उसके कर्मों के अनुसार  मृत्युलोक में तन परिवर्तन,  उसका सदियों तक कर्मभूमि पर  के जन्म-्मरण रूप में आवागमन होता रहता है। आत्मज्ञानी बनों अपना मानव जीवन  सार्थकबनाओं अधिक जानकारी के लिए Kalki Gyan Sagar एप डाउनलॉड करें
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