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Sachin katare - Author on ShareChat
Sachin katare
729 views • 6 days ago
#जीवन की सच्ची बातें
तारीफ किये बिना कोई खुश होता नहीं और झूठ बोले बिना किसी की तारीफ होती नहीं | सब कुछ आप पर छोड़ दिया है प्रभु, क्योंकि मुझे पता है कि आप मेरा हाथ कभी नहीं छोड़ेंगे | जथ जथन्राथ
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  • Sachin katare - Author on ShareChat
    Sachin katare
    #जीवन की सच्ची बातें
    धरती पे नरक वाली हरकते करके, स्वर्ग के ख्वाब नही देखे जाते... ! ! लोग गलत होकर भी अपनी अकड़ नहीं छोड़ रहे, ये उम्मीद क्यों f मुझसे कि मैं सही होकर भी झुक जाऊं, रिश्ते निभाना सिर्फ़ मेरी ज़िम्मेदारी तो नही..!!
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  • Manish Kumar - Author on ShareChat
    Manish Kumar
    #जीवन की सच्ची बातें #Reality Of Life
    जीवन की सच्ची बातें, Reality Of Life
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  • Sachin katare - Author on ShareChat
    Sachin katare
    #जीवन की सच्ची बातें
    आस्तीन के सांपो को भी की बधाई फुफकारते नागपंचमी रहो। फुफकारते ही रहोगे हो कुछ नहीं बस पाएगा नाग पंचमी की शुभकामनाएं उन लोगों को भी जो इंसान होकर नाग बनाकर लोगों को डसते है आस्तीन के सांपो को भी की बधाई फुफकारते नागपंचमी रहो। फुफकारते ही रहोगे हो कुछ नहीं बस पाएगा नाग पंचमी की शुभकामनाएं उन लोगों को भी जो इंसान होकर नाग बनाकर लोगों को डसते है
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  • ShareChatUser - Author on ShareChat
    ShareChatUser
    #जीवन की सच्ची बातें #जीवन का अनुभव
    ShareChat @Satwinder Rayat SM तकलीफ के समय जिन लोगों ने दूरियां बना ली बाद में वो कितना भी इत्र लगाकर रिश्तों को महकाने की कोशिश करें बाली खुशबू नहीं 100 पहले आएगी ShareChat @Satwinder Rayat SM तकलीफ के समय जिन लोगों ने दूरियां बना ली बाद में वो कितना भी इत्र लगाकर रिश्तों को महकाने की कोशिश करें बाली खुशबू नहीं 100 पहले आएगी
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  • Sachin katare - Author on ShareChat
    Sachin katare
    #जीवन की सच्ची बातें
    एक तरफ १५ अगस्त को झंडा फहराने की उससे ज्यादा खुशी गुरु जी से दो बार बूँदी समोसा खुशी लेकर मिलती थी ये मौज केवल १९८०-9० वाले हम बच्चों ने ली है स्वतंत्रता दिवस पर लख लख बधाई शुभकामनाएं तिरंगा संभालने की औकात ना हो तो मत खरीदना , क्योंकि शाम को तिरंगा ज़मीन पर गिरा देखकर अच्छा नहीं लगता , एक दिन की देशभक्ति तुम्हारी की पोल भी खुल जाती है!
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  • ShareChatUser - Author on ShareChat
    ShareChatUser
    #जीवन की सच्ची बातें #जीवन का अनुभव #जय जय श्री राम
    ShareChat @Neeraj kumar sharma ज़िंदगी का हिसाब लगाया तो मालूम चला , मुनाफ़ा खुद के जीने में था,और हम लिए खर्च हो गए ! কর दूसरों ShareChat @Neeraj kumar sharma ज़िंदगी का हिसाब लगाया तो मालूम चला , मुनाफ़ा खुद के जीने में था,और हम लिए खर्च हो गए ! কর दूसरों
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  • BIKRAMA BAITHA - Author on ShareChat
    BIKRAMA BAITHA
    सुविचार 💗🌟🌈🌻 जीवन की सच्चाई है इससे आप सभी को क्या सीख... # #जीवन की सच्ची बातें #जीवन का अनुभव #जीवन की
    शौक तो हमें भी औकात से ज्यादा कुछ करने की ... लेकिन पापा ने बोले थे बेटा घर पर सिर्फ रिश्तेदार आना चाहिए கfR ..I1 OMetaAl शौक तो हमें भी औकात से ज्यादा कुछ करने की ... लेकिन पापा ने बोले थे बेटा घर पर सिर्फ रिश्तेदार आना चाहिए கfR ..I1 OMetaAl
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  • ★♡┈━═☆ ☆═━┈♡★ - Author on ShareChat
    ★♡┈━═☆𝑺𝓪𝓾𝓻𝓪𝓫𝓱 𝓚𝓾𝓶𝓪𝓻 ☆═━┈♡★ ❤️🩹🫣💯
    Kash vah samay wapas aa pata...!!💗💖 #जीवन की सच्ची बातें #true lines
    Kash vah samay wapas aa pata...!!, जीवन की सच्ची बातें
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  • Sachin katare - Author on ShareChat
    Sachin katare
    #जीवन की सच्ची बातें
    जब तक सांस चलती है खूंटा नहीं छूटता एक बुढ़ा व्यक्ति था।जो दुनिया मे अकेला था। उसके पास एक गाय थी। एक दिन बूढ़े ने गाय को खूंटे से खोल कर कहा अब तू आजाद है। ः गायेगूँ। नूझसेलबे चेली मै अब बुढ़ा हो गया अब तेरी ತ5ಾ देखभाल नही हो लिए 7 खाने के जा। वहाँ तुम्हारे बहुत कुछ र पदैनलैट मिल जायेगा। गाय चली गई। मगर जंगल मे चरने के बाद वापस खूंटे आई। बूढ़े व्यक्ति ने उसे बाँधा नही। फिर भी वह खूंटे के पास बैठी रही। फिर ये सिलसिला शुरू हो गया। गाय सुबह चली जाती और शाम ؟g पर लौट आती। बूढ़ा मर गया मगर को पर वापस आना नही छोड़ा। गाय यही हम इंसानो के साथ होता है। हम चाह कर # भी खूँटा नही छोड़ पाते। जहाँ  जगह से मोह हो जाता है। जिनके साथ है उनसे मोह हो जाता है। जिससे अपनत्व जाता है उसे छोड़ने की हिम्मत নন্ী हमसे पाती। फिर चाहे वह घर हो, पत्नी हो, पति बच्चे हो, प्रेमी , प्रेमिका हो, दोस्त हो, माँ, बाप हो। हम इनके साथ एक अदृश्य खूंटे से बंधे रहते है। जब तक सांस चलती है खूँटा नही छूटता| जब तक सांस चलती है खूंटा नहीं छूटता एक बुढ़ा व्यक्ति था।जो दुनिया मे अकेला था। उसके पास एक गाय थी। एक दिन बूढ़े ने गाय को खूंटे से खोल कर कहा अब तू आजाद है। ः गायेगूँ। नूझसेलबे चेली मै अब बुढ़ा हो गया अब तेरी ತ5ಾ देखभाल नही हो लिए 7 खाने के जा। वहाँ तुम्हारे बहुत कुछ र पदैनलैट मिल जायेगा। गाय चली गई। मगर जंगल मे चरने के बाद वापस खूंटे आई। बूढ़े व्यक्ति ने उसे बाँधा नही। फिर भी वह खूंटे के पास बैठी रही। फिर ये सिलसिला शुरू हो गया। गाय सुबह चली जाती और शाम ؟g पर लौट आती। बूढ़ा मर गया मगर को पर वापस आना नही छोड़ा। गाय यही हम इंसानो के साथ होता है। हम चाह कर # भी खूँटा नही छोड़ पाते। जहाँ  जगह से मोह हो जाता है। जिनके साथ है उनसे मोह हो जाता है। जिससे अपनत्व जाता है उसे छोड़ने की हिम्मत নন্ী हमसे पाती। फिर चाहे वह घर हो, पत्नी हो, पति बच्चे हो, प्रेमी , प्रेमिका हो, दोस्त हो, माँ, बाप हो। हम इनके साथ एक अदृश्य खूंटे से बंधे रहते है। जब तक सांस चलती है खूँटा नही छूटता|
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  • @_official_jai_rohilla - Author on ShareChat
    @_official_jai_rohilla
    #जीवन की सच्ची बातें
    जीवन की सच्ची बातें
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