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- m...k...#🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏राम राम जी #🙏प्रातः वंदन #जय श्री राम #💐फूलों वाली शुभकामनाएं🌹7432
- SK BABU#🙏शुभ मंगलवार🌸 #जय श्रीराम#जय श्रीराम1623
- Shivmuni Raj#जय श्री राम #🔱🚩🕉हनु हनु मते नमः🕉🚩🔱# #jai hanu man🙏🙏 #ram bhakt hanu211695
- ANIL TRIVEDI#ANIL TRIVEDI #🚩जय श्रीराम🙏 #🙏राम राम जी #jai shree ram #जय श्री राम4226
- Anand Chaudhariश्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन,हरण भवभय दारुणं। नव कंज लोचन कंज मुख,कर कंज पद कंजारुणं॥ जय श्रीराम🙏🚩 Follow- @Anand Chaudhari for more #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🛕 राम मंदिर अयोध्या 🙏 #viral #जय श्री राम #ram1520
- Hori lal🙏 शुभ गुरुवार 🙏🌺 प्रातः वंदन दोस्तों 🌺🙏 ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः 🙏🌷Good morning ji 🌷🙏 जय श्री राम 🙏🌹 सुप्रभात मित्रों 🌹🙏 जय श्री कृष्णा 🙏 #जय श्री राम #🔫Free fire 💣3417
- सनातनी दीपेश गोयल#जय श्रीराम#जय श्रीराम#जय श्रीराम#जय श्रीराम#जय श्रीराम816
- sn vyas#जय श्री राम प्रभु तरु तर कपि डार पर ते किए आपु समान। तुलसी कहूँ न राम से साहिब सील निधान॥ अर्थ: प्रभु श्री राम ने वृक्षों के नीचे और डालों पर रहने वाले वानरों को भी अपने समान बना लिया, उन्हें अपना मित्र और भाई माना। गोस्वामी तुलसीदास जी कहते हैं कि राम जैसा शील-निधान, करुणा-निधान साहिब तीनों लोकों में कहीं नहीं है। भावार्थ: भक्त और भगवान के रिश्ते की पराकाष्ठा दिखा रहे हैं। जब श्री राम लंका पर चढ़ाई करने के लिए वन में थे, तब सुग्रीव, हनुमान और अन्य वानर पेड़ की डालियों पर रहते थे, जबकि मर्यादा पुरुषोत्तम राम नीचे जमीन पर बैठते थे।शिष्टाचार के नियम से देखा जाए तो स्वामी का स्थान ऊँचा होना चाहिए और सेवक का नीचे। यहाँ स्थिति इसके विपरीत थी। इसके बावजूद, श्री राम के मन में कोई अहंकार नहीं था। उन्होंने वानरों को हीन या छोटा नहीं समझा, बल्कि उन्हें हृदय से लगाकर अपने समान स्थान और सम्मान दिया। तुलसीदास जी विस्मित होकर कहते हैं कि ऐसा दयालु और समतावादी स्वामी केवल श्री राम ही हो सकते हैं। एक सच्चा मार्गदर्शक या स्वामी वही है जो अपने पद, प्रतिष्ठा या शक्ति का अहंकार न करे। 🙏🌹🌻!!जय श्रीराम!!🌻🌹🙏2222
- 🔱█▓▒░ꕷꛅꛈꚴ𖤬ꛘꕷꛅ░▒▓█🔱#श्री रामेश्वरम शिवलिंग #जय श्री राम 🙏🔱🕉 ##🙏🕉️jay shree📿mahakaal🕉️🙏📿 🔱 #Shri Shivay namastubhyam Om Namo Pati Parvati pati Har Har Mahadev 🙏🕉1023
- CHANDANI#jai shri ram #jai Shree ram ram #जय श्री राम3437