हक़ की आवाज़ बनो, वरना याद रखो... हज़रत सालेह (अ.स.) की ऊँटनी के क़ातिल सिर्फ़ 4 लोग थे, मगर ग़र्क़ पूरी क़ौम हो गई, क्योंकि बाक़ियों का जुर्म ख़ामोश रहना था। #islamicquotes 🤲💫 #🕋❀◕❀मेरा प्यारा इस्लाम❀◕❀🕋 #🌙इस्लाम धर्म🕌 #🤲 इबादत #🤲अल्लाह हु अक़बर
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