*"अनुभव कहता है* *खामोशियाँ ही बेहतर हैं,* *शब्दों से लोग रूठते बहुत हैं..."* *जिंदगी गुजर गयी....* *सबको खुश करने में ..* *जो खुश हुए वो अपने नहीं थे,* *जो अपने थे वो कभी खुश नहीं* *हुए...* *कितना भी समेट लो..* *हाथों से फिसलता ज़रूर है..* *ये वक्त है साहब..* *बदलता ज़रूर है..* #🌞गुड मॉर्निंग☕🌞
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