सरस्वती ओमँ शान्ती
#🙏गीता ज्ञान🛕 चुनौती केवल एक प्रश्न पूछती है—"तुम यह किसके साथ सामना कर रहे हो?"
जैसे ही मन सोचता है, "मुझे यह अकेले करना है," शक्ति कम होने लगती है। लेकिन उसी क्षण परमात्मा की याद जुड़ते ही भीतर सब बदलने लगता है। परिस्थिति वही रहती है, पर मन शांत हो जाता है, बुद्धि स्पष्ट हो जाती है और आत्मा शक्तिशाली बन जाती है।
परमात्मा की याद हमेशा परिस्थिति नहीं बदलती, पहले आत्मा को बदलती है। और जब आत्मा बदल जाती है, तो समस्याएँ रुकावट नहीं रहतीं, संभावनाएँ बन जाती हैं।
हर चुनौती में परमात्मा का साथ चुनिए। वहीं से वह शक्ति मिलती है, जिससे असंभव भी संभव बनने लगता है।