Kamal das
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#🙏कर्म क्या है❓ #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #✝यीशु वचन #TrueWorship_EndsSuffering #SaTrueStory YouTubeChannel #worship #faith #cancer #fyp #coloncancer #healthcare #stroke #digitalhealth #cancertreatment #healthsecrets #meditation #waheguru #harharmahadev #shiv #viralreels #SantRampalJiMaharaj सुनते आए हैं कि परमात्मा अंधों को आँख, कोढ़ी को काया, बाँझन को पुत्र और निर्धन व्यक्ति को धन देता है। वर्तमान समय में यह सर्व सुख संत रामपाल जी महाराज द्वारा बताई गई सतभक्ति करने से लोगों को मिल रहे हैं जोकि स्वयं पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी के अवतार हैं। कबीर साहेब जी ने भी कहा है - मम संत मुझे जान, मेरा ही स्वरूपं। जब किसी की मौत होती है तो यम के दूत उसे लेने आते हैं और उसे दंडित करते हैं कर्म आधार पर। जबकि सतगुरु संत रामपाल जी महाराज की भक्ति करने से यमदूतों से भी रक्षा हो रही है। संत गरीबदास जी बताते हैं- सतगुरु जो चाहे सो करही, चौदह कोटि दूत जम डरहीं। ऊत भूत जम त्रास निवारे, चित्र गुप्त के कागज फारै ।। आज से 600 वर्ष पहले कबीर परमात्मा संत की भूमिका में पृथ्वी पर आए और काल जाल में कष्ट भोग रहे प्राणियों को सतभक्ति विधि बताकर अनेकों लाभ दिए। अब फिर कबीर परमात्मा जी संत रामपाल जी महाराज जी के रूप में आए हुए हैं और लाखों दीन दुःखियों को वही भक्ति विधि बताकर दुःखों से छुटकारा दिला रहे हैं। परमेश्वर कबीर जी ने 600 वर्ष पूर्व इस धरातल पर प्रकट होकर लोगों को सतभक्ति प्रदान की थी जिससे उनके सर्व दुःख समाप्त हो गए थे। आज उन्हीं के अवतार संत रामपाल जी महाराज धरती पर मौजूद हैं। जिनसे उपदेश लेकर सतभक्ति करने से मानसिक, शारिरिक, दैविक सर्व कष्ट समाप्त हो रहें हैं। जैसा कि ऋग्वेद मण्डल 10 सूक्त 161 मंत्र 2, मण्डल 9 सूक्त 80 मंत्र 2, सामवेद मंत्र संख्या 822 में लिखा है कि कबीर परमात्मा अपने साधक की आयु भी बढ़ा देता है। वर्तमान समय में कबीर परमेश्वर के अवतार संत रामपाल जी महाराज जी से नाम (मंत्र) उपदेश लेकर मर्यादा में रहकर भक्ति करने से मौत के मुँह में गये लोगों को एक बार पुनः जीवन दान मिला। ऐसे अनेक उदाहरण हैं जिनकी आयु संत रामपाल जी महाराज जी द्वारा दी गयी सतभक्ति करने से बढ़ गई। पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी संत की भूमिका में आए और ऐसा अद्वितीय ज्ञान दिया कि देखते ही देखते 64 लाख लोग परमात्मा के शिष्य बन गए। वर्तमान में स्वयं कबीर जी संत रामपाल जी महाराज के रूप में अवतरित हैं और वो भी वही शास्त्र प्रमाणित ज्ञान दे रहे हैं जिसे समझकर करोड़ों लोग उनसे जुड़ चुके हैं। कबीर, जब ही सत्यनाम हृदय धरयो भयो पाप को नाश। मानो चिंगारी अग्नि की पड़ी पुराने घास कबीर साहेब के अवतार संत रामपाल जी महाराज वही भक्ति बताते हैं जो कबीर साहेब ने बताई है। जिससे पाप नाश होते हैं, भक्तों को अनगिनत लाभमिल रहे हैं, उनके साथ आये दिन चमत्कार हो रहे हैं। यजुर्वेद अध्याय 8 मंत्र 13, अध्याय 5 मंत्र 32 में स्प्ष्ट है कि कबीर परमेश्वर जी सभी पापों का नाश कर देते हैं। वहीं वर्तमान समय में संत रामपाल जी महाराज जी से नाम लेकर कबीर परमेश्वर की भक्ति करने से लोगों के सर्व पाप समाप्त हो रहें हैं जिससे लोगों का जीवन सुखी हो रहा है। कबीर, जब ही सत्यनाम हृदय धरो, भयो पाप को नाश। मानो चिंगारी अग्नि की, पड़े पुरानी घास ।। जो सतभक्ति करते हैं तो उनके पास भूत-प्रेत, बुरी आत्माऐं नहीं आती। देवता भी उस भक्त परिवार की सुरक्षा करते हैं। सतभक्ति करने से नशे से भी छुटकारा मिलता है। शराब तथा तम्बाकू के प्रति नफरत हो जाती है। वर्तमान में सतभक्ति केवल संत रामपाल जी महाराज जी के पास है। संत रामपाल जी महाराज जी से नाम लेकर मर्यादा में रहकर सतभक्ति करने से शुभ संस्कारों में वृद्धि होने से दुःख का वक्त सुख में बदलने लग जाता है। भक्ति न करने वाले और मनमानी पूजाएं करने वाले को काल के दूत ले जाते हैं जबकि सतभक्ति करने वाले को परमात्मा विमान में बैठाकर अमरलोक यानी सतलोक ले जाते हैं। जो व्यक्ति मनुष्य जन्म प्राप्त करके भक्ति नहीं करता, वह चौरासी लाख योनियों में कष्ट उठाता है। कुत्ता रात में ऊपर की ओर मुंह करके बहुत रोता है। इसलिए पूर्ण गुरु संत रामपाल जी महाराज जी से नाम लेकर सतभक्ति करनी चाहिए। सतभक्ति से शांतिदायक तथा अमर स्थान (सनातन परम धाम) प्राप्त हो जाता है (जिसके बारे में गीता जी के अध्याय 18 श्लोक 62 में कहा है) जहाँ जाने के पश्चात् साधक फिर लौटकर संसार में कभी नहीं आता।
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