paramjeet dass
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#वाहरे_समाज_नाशक_महर्षिदयानंद
कबीर,गुरू बिन वेद पढ़े जो प्राणी,समझे ना सार रहे अज्ञानी गुरू बिन काहू न पाया ज्ञाना, यों थोथा भूष छड़े मूढ़ किसाना
अर्थात् जो पूर्ण गुरू के बिना स्वयं वेदों को पढ़ता है, वह वेदों का सार ज्ञान नहीं समझ सकता,वह अज्ञानी ही रहता है। #santrampaljimaharajji
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