Sandeep Sharma
राधा-कृष्ण का प्रेम संसार के उन रिश्तों में से है, जिसे शब्दों में पूरी तरह बाँधा नहीं जा सकता…
राधा के हृदय में कृष्ण हैं और कृष्ण की हर धुन में राधा का एहसास।
यह प्रेम पाने का नहीं, समर्पण का प्रेम है…
जहाँ शिकायतों से ज्यादा विश्वास है, दूरियों से ज्यादा अपनापन है और शब्दों से ज्यादा भावनाएँ हैं। 🙏
कहते हैं जहाँ सच्चा प्रेम होता है, वहाँ कृष्ण की बंसी की मधुर धुन अपने आप सुनाई देने लगती है… और मन बस एक ही नाम पुकारता है— राधे… राधे…
जिसके जीवन में राधा का प्रेम और कृष्ण का आशीर्वाद हो, उसके लिए हर मुश्किल राह भी आसान हो जाती है।
राधे राधे जय श्री कृष्ण 🙏 #🤗जया किशोरी जी🕉️