VEDANTH
#🌹प्यार के नगमे💖 #✍️ अनसुनी शायरी #🖋कहानी: टूटे दिल की💔 #💝 शायराना इश्क़
त'अल्लुक़ जब कभी परवान चढ़ कर टूट जाता है
कोई काँटा सा चुभ के दिल के अंदर टूट जाता है
त'अज्जुब क्या जो दिल मेरा मुसलसल ग़म न सह पाए
शरारों में तो पत्थर भी चटक कर टूट जाता है
मज़ा वैसे तो दिल को दिल से टकराने में है बे-हद
ये शीशा तो ज़रा सी ठेस पा कर टूट जाता है
मरे क़दमों की आहट से लरज़ उठता है मय-ख़ाना
मिरे होंटों तक आते आते साग़र टूट जाता है