English
Wallet Install
Home
Explore
Wallet
Video
Profile
Trends
English
Pawan Thakur - Author on ShareChat
🌹🌹Pawan Thakur🌹🌹
884 views • 1 months ago
#pawan
श्रीकृष्ण कर्ण की चिता और कुरुक्षेत्र का युद्ध समाप्त हो चुका था। चारों ओर सन्नाटा था और कर्ण की चिता जल रही थी। कुंती दूर खडी अपने ही पुत्र को अंतिम विदाई देते हुए रो रही थीं। कांपती आवाज़ में उन्होंने श्रीकृष्ण से पूछा, "माधव , मेरा कर्ण इतना वीर और दानी था, फिर उसके हिस्से में आया?" श्रीकृष्ण इतना अकेलापन क्यों ने कहा, "बुआ, कर्ण की सबसे यह नहीं थी कि उसे सम्मान देर से পরীভা बड़ी মিলা, बल्कि यह थी कि वह सही और गलत पहचानकर भी गलत साथ से अलग की आँखों नहीं हो सका। कुंती से आँसू बहने लगे।श्रीकृष्ण बोले , जीवन में अच्छे गुण होना जरूरी है, लेकिन उनसे भी जरूरी है सही समय पर सही का साथ देने का साहस। कर्ण ने कभी भी सत्य का साथ देने का साहस नही किया। श्री कृष्ण जय
13 shares
Home
Explore
Wallet
Video