Naman News
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#🌊नेपाल में मौत का आंकड़ा 903 पहुंचा 😢 #🆕 ताजा अपडेट #नेपाल #🙏 🤺तबाही 🤺🙏 नेपाल में आई भीषण बाढ़ और तबाही के बीच बड़े-बड़े पत्थर, घर, ब्रिज तिनके की तरह बह गए, लेकिन इस बीच मलबे से घिरा एक हरा मकान चमत्कारिक रूप जस का तस खड़ा रहा। चारों तरफ मौत की तबाही के बीच इस मकान के भीतर मौजूद लोग सुरक्षित बच गए। इस मकान का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, कुछ लोग इसे महज संयोग बता रहे हैं तो कुछ लोग मकान के इंजीनियर का कमाल बता रहे हैं, जिसके कारण मकान को नुकसान नहीं पहुंचा। ऐसे में चलिए जानते हैं कि आखिर इस मकान में ऐसा क्या था, जिसके चलते इस भीषण तबाही के मकान के बीच मकान सुरक्षित बच गया। जानकारी के अनुसार, यह घर शायद बाढ़ और सबसे तेज बहाव वाले धारे से थोड़ा दूर था और उसके चारों तरफ कीचड़ और मलबा आ जाने से पानी की दिशा बदल गई। जिसके चलते वह हरा घर सुरक्षित बच गया। पत्थर कि चिकनाई पर बने होते हैं घर आर्किटेक्चर प्रेजेंटेशन के एक्स अकाउंट पर मिली जानकारी के अनुसार, नेपाल की हिमालयी घाटियों में अधिकांश घर प्रबलित कंक्रीट फ्रेम के बिना पत्थर की चिनाई से बने होते हैं। लेकिन जब भूस्खलन, मलबे या पानी का पार्श्व दबाव पड़ता है, तो ये अंदर की ओर ढह जाते हैं। इसमें कहा गया है कि मानक मकानों के डिजाइन ऊर्ध्वाधर भार सहन कर सकते हैं। हालांकि, पार्श्व दबाव के कारण ऐसी संरचनाएं अंदर की ओर ढह जाती हैं। हालांकि, यह घर प्रबलित कंक्रीट के ढांचे पर बनाया गया था। बीमों और नींव को आपस में बांधने के लिए लगातार स्टील की छड़ों का उपयोग किया गया था, जिससे एक अटूट और मजबूत ढांचा तैयार हुआ। जब मिट्टी और पानी की भारी दीवार घर से टकराई, तो इस प्रबलित ढांचे ने पार्श्व बल को अवशोषित कर लिया और उसे सुरक्षित रूप से नीचे जमीन में स्थानांतरित कर दिया। घर के सघन आकार के चलते पानी और मलबे का द्रव द्रव्यमान दो हिस्सों में विभाजित होकर घर के दोनों ओर से बह गया। शुरुआत में घर के आस-पास जमा हुई मिट्टी ने जल्दी ही एक प्राकृतिक ढलान बना दिया, जिसने बाद में आने वाले मलबे और पानी की लहरों को संरचना से दूर मोड़ दिया। पानी और मलबे की धारा सीध रास्ते में नहीं था, जिसके चलते घर पूरी तरह सुरक्षित बच गया।
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