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#🪔4 या 5 सितंबर, कब है जन्माष्टमी❓ श्री कृष्ण जन्माष्टमी 2026 नया व्रत शुरू करना चाहते हैं तो बिल्कुल जन्माष्टमी का व्रत कर सकते हैं जन्माष्टमी व्रत करने से करोड़ों एकादशी और साल भर की सभी अष्टमी का फल मिल जाता है संपूर्ण जानकारी 🙏👇
कब मनाई जाएगी?
पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त
भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि
आरंभ: 4 सितंबर 2026 को देर रात 2:25 AM पर
समापन: 5 सितंबर 2026 को देर रात 12:13 AM पर
कृष्ण जन्माष्टमी तिथि
4 सितंबर 2026, शुक्रवार
कृष्ण जन्माष्टमी 2026 पूजा मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, 4 सितंबर 2026 को रोहिणी नक्षत्र 4 सितंबर को 12:29 बजे से शुरू होकर 4 सितंबर की रात 11:04 बजे तक रहेगा।
मध्यरात्रि का क्षण:
5 सितंबर 2026 को 12:37 AM बजे
निशिता पूजा का समय:
5 सितंबर 2026 को 12:14 AM से 01:01 AM बजे तक
जन्माष्टमी व्रत का पारण
5 सितंबर की सुबह 06:01 AM बजे के बाद व्रत का पारण किया जाएगा।
जन्माष्टमी व्रत कैसे करना चाहिए?
जन्माष्टमी के दिन प्रातः स्नान करके भगवान श्रीकृष्ण का ध्यान करें और व्रत का संकल्प लें।
दिनभर श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार व्रत रखें। भगवान श्रीकृष्ण का नाम-स्मरण, श्रीकृष्ण की पूजा, भजन और कथा का श्रवण करें।
शाम को भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की तैयारी करें। पूजा स्थान को साफ करके बाल गोपाल की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। उन्हें पंचामृत से स्नान कराकर नए वस्त्र पहनाएं और चंदन, अक्षत, फूल, तुलसी दल, धूप और दीप अर्पित करें।
रात्रि में निशिता काल में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की पूजा करें। भगवान को माखन-मिश्री, फल और अन्य सात्त्विक नैवेद्य अर्पित करें। श्रीकृष्ण जन्म की कथा सुनें या पढ़ें और आरती करें।
जन्माष्टमी पर कौन से उपाय करने चाहिए और क्या फल मिलेगा?
जन्माष्टमी के दिन श्रद्धा और विश्वास के साथ कुछ सरल उपाय किए जा सकते हैं। मान्यता है कि इन उपायों से घर में सुख-शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
बाल गोपाल को पंचामृत से स्नान कराकर नए वस्त्र पहनाएं और माखन-मिश्री का भोग लगाएं। मान्यता है कि इससे घर में सुख-समृद्धि आती है।
भगवान श्रीकृष्ण को तुलसी दल अर्पित करें और “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें। इससे मन को शांति और आध्यात्मिक बल मिलने की मान्यता है।
संतान सुख की कामना रखने वाले दंपति बाल गोपाल की पूजा करके संतान गोपाल मंत्र का जाप कर सकते हैं। मान्यता है कि इससे संतान संबंधी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
आर्थिक समृद्धि के लिए भगवान श्रीकृष्ण को पीले फूल, पीले वस्त्र और पीली मिठाई अर्पित करें। इससे धन-धान्य और सौभाग्य बढ़ने की मान्यता है।
घर में प्रेम और पारिवारिक सुख बनाए रखने के लिए राधा-कृष्ण की पूजा करें और उनके सामने घी का दीपक जलाएं।
जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, फल या मिठाई का दान करें। इससे पुण्य की प्राप्ति और नकारात्मकता दूर होने की मान्यता है।
उपाय करते समय दिखावे से बचें और अपनी श्रद्धा, सामर्थ्य तथा पारिवारिक परंपरा का ध्यान रखें। इन उपायों के फल धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं।
इसके बाद अपनी परंपरा और स्वास्थ्य के अनुसार व्रत का पारण करें। पारण के समय सात्त्विक भोजन ग्रहण करें।
विशेष: व्रत की विधि और पारण का समय स्थानीय पंचांग तथा स्थान के अनुसार थोड़ा अलग हो सकता है। #🙏जन्माष्टमी के विशेष उपाय ✨📿 #🙏जन्माष्टमी Coming Soon✨⌛ #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #😍हरे राम हरे कृष्णा📿
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