VEDANTH
#💝 शायराना इश्क़ #💔मरीज-ए-इश्क❤
क्या बताएं हम के तुम्हे क्या चीज़ महोबत होती है
इन्सन के दिल पे इन्सान की पाकीज़ा हुकुमत होती है कुछ हुस्न के जलवे होते हैं
कुछ इश्क़ की शिद्दत होती है
एक आग सी लग जाए
उस दिल को महोबत होती है
इक लफ़्ज़-ए-मोहब्बत का अदना ये फ़साना है
सिमटे तो दिल-ए-आशिक़ फैले तो ज़माना है
ये किस का तसव्वुर है ये किस का फ़साना है
जो अश्क है आँखों में तस्बीह का दाना है
ये इश्क़ नहीं आसाँ इतना ही समझ लीजे
इक आग का दरिया है और डूब के जाना है
अश्कों के तबस्सुम में आहों के तरन्नुम में
मा'सूम मोहब्बत का मा'सूम फ़साना है