💪🇮🇳 चंदूभाई 🕉️🚩🙏
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संसद का नया 'गेम प्लान': विपक्ष की हवा टाइट और अमित शाह का अचूक ब्रह्मास्त्र! 😂🔥 ​संसद का मौजूदा सत्र चल रहा है, लेकिन लगता है विपक्ष ने हाउस चलाने की बजाय 'गलाफाड़ प्रतियोगिता' का गोल्ड मेडल जीतने की कसम खा ली है। मुद्दे हों या सार्थक चर्चा—इनको दूर-दूर तक कोई मतलब नहीं। बस ऊपर से आदेश मिला है: "चिल्लाते-चिल्लाते गला सूख जाए, तो दो घूंट पानी पियो और फिर से बिना सिर-पैर के चीखना शुरू कर जाओ!" 😂😂😂 ​🎭 नौटंकी बनाम रणनीति ​कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के सूरमा रोज रट लगाए बैठे हैं कि "गृहमंत्री अमित शाह को हाउस में बुलाओ, तब सवाल-जवाब करेंगे।" ​अरे जनाब! मोदी जी के असली सिपाही और बीजेपी के आधुनिक चाणक्य अमित शाह तो रोज संसद में समय से पहले हाजिर हैं। वे वहां बैठकर ऐसी घातक सियासी बिसात बिछा रहे हैं कि राहुल गांधी, अखिलेश यादव, प्रियंका वाड्रा, अरविंद केजरीवाल और मल्लिकार्जुन खड़गे—सबकी रातों की नींद उड़ चुकी है। हालत ये है कि एसी हॉल में भी इन्हें ठंडे पसीने आ रहे हैं! 😂😂 ​💣 16-17 अगस्त का 'विशेष धमाका'! ​पक्की खबर गरियाते हुए गलियारों से छनकर आ रही है कि 13 अगस्त को सत्र खत्म होने के बाद, महज दो दिन का गैप देकर 16 और 17 अगस्त को संसद का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी लगभग पक्की है। ​इस बार लाया जाएगा 'परिसीमन बिल' (Delimitation Bill)—और इस बार ये कागजों में नहीं, सीधे जमीन पर उतरेगा और पास होकर रहेगा! अमित शाह ने दोनों सदनों में ऐसा गणित बिठा लिया है कि दो-तिहाई बहुमत जेब में है और संविधान संशोधन का रास्ता एकदम साफ है। ​एक तरफ विपक्ष राम और साधु-संतों के नाम पर सियासी ड्रामे की नौटंकी कर रहा है, तो दूसरी तरफ इन सबसे पूरी तरह बेफिक्र अमित शाह देश की राजनीति का नक्शा ही बदलने वाले इस क्रांतिकारी काम को अंजाम दे रहे हैं। ​🗺️ परिसीमन यानी विपक्ष का 'गेम ओवर'! ​आम भाषा में समझें तो परिसीमन का मतलब है—विपक्ष का सियासी खेत पूरी तरह साफ होना! ​इसमें हर राज्य की लोकसभा और राज्यसभा सीटों में भारी बढ़ोतरी होनी तय है। सीटें बढ़ने का सीधा मतलब है कि रायबरेली और अमेठी जैसे पारंपरिक किले भी नए परिसीमन के नक्शे में ऐसे गायब होंगे कि ढूंढने से भी नहीं मिलेंगे! 😂 ​इस सियासी भूकंप की थाह बड़े-बड़े वकीलों को भी लग चुकी है। तभी तो कपिल सिब्बल ने खुलकर मान लिया है कि— ​"अगर बीजेपी ये बिल पास कराने में कामयाब हो गई, तो अगले 50 साल तक बीजेपी को हिलाना नामुमकिन हो जाएगा और विपक्ष का सुपड़ा साफ तय है।" ​जब देश के इतने बड़े कानूनी धुरंधर यह मान रहे हैं, तो समझ लीजिए मैदान में कोई बहुत बड़ा 'खेला' होने जा रहा है! ​🚀 परमाणु ब्रह्मास्त्र: सुप्रीम कोर्ट भी देखता रह जाएगा! ​फिलहाल देश के बाकी मुद्दे विपक्ष के लिए महज 'सुतली बम' साबित हो रहे हैं, लेकिन यह परिसीमन मोदी जी की राजनीति का सीधा 'परमाणु बम' बनने वाला है। विपक्ष के सतही तीरों को नेस्तनाबूद करने के लिए मोदी-शाह की जोड़ी सीधे वह 'अमोघ शक्ति' चला रही है, जिसका वार कभी खाली नहीं जाता। ​DMK और शरद पवार गुट के साथ अंदरखाने बातचीत की सुई फिट बैठ चुकी है। ​पहले ही 37 नए सांसद पाला बदलकर बीजेपी के पाले में आ चुके हैं। ​अब तो बस थोड़ा सा इंतजार बाकी है। वैसे राजनीतिक पंडितों का यह भी मानना है कि यदि विपक्ष ने समझदारी दिखाते हुए अभी से संसद का कामकाज चलने दिया, तो शायद इस विशेष सत्र की नौबत भी न आए, काम उससे पहले ही तमाम हो जाए! ​🔥 अंतिम और सबसे तीखी बात: यह मोदी-शाह की रणनीति का वह ब्रह्मास्त्र है, जिसे चाहकर भी सुप्रीम कोर्ट में कोई चुनौती नहीं दे सकता। अब देखना यह है कि विपक्ष संसद में चिल्ला-चिल्लाकर पानी पीता है या अपनी राजनीतिक विदाई का ढोल खुद पीटता है! 😂🎯 #🤩पॉजिटिव स्टोरी✌ #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान #🆕 ताजा अपडेट #🌐 राष्ट्रीय अपडेट #📢सरकारी योजना
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