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नवादा, बिहार | नवादा में माता-पिता की मौत के बाद बेसहारा हुए तीन मासूम भाइयों की जिंदगी में मदद से नई उम्मीद जगी है। 11 वर्षीय कारू, 7 वर्षीय दिलखुश और 5 वर्षीय अंकुश के पिता फेकू राजवंशी की करीब चार साल पहले ट्रेन हादसे में मौत हो गई थी। करीब दो महीने पहले मां समाती देवी के निधन के बाद तीनों बच्चे बेहद खराब स्थिति में रहने लगे। उनका मिट्टी का जर्जर घर बारिश में टपकता था और भोजन तक की परेशानी सामने थी। समाजसेवी मुकेश यादव ने बच्चों की स्थिति का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर मदद की अपील की। इसके बाद बच्चों की स्थिति से जुड़ा वीडियो संत रामपाल जी महाराज की टीम तक पहुंचा। संस्था की ओर से अन्नपूर्णा मुहिम के तहत करीब 14 लाख रुपये की लागत से पक्का मकान बनवाने और जरूरी सामान उपलब्ध कराने की बात कही गई है। नए घर में बिजली, पंखा, बिस्तर, चूल्हा-सिलेंडर और राशन की व्यवस्था की गई है। बच्चों को स्कूल ड्रेस, बैग, जूते-चप्पल, किताबें और कॉपियां भी दी गई हैं। संत रामपाल जी महाराज की ओर से 18 वर्ष की उम्र तक भोजन, शिक्षा और जरूरी देखभाल में सहयोग का दावा किया गया है। ग्रामीणों ने आभार जताते हुए करीब छह किलोमीटर की शोभायात्रा निकाली और संत रामपाल जी महाराज की तस्वीर को चांदी का मुकुट पहनाया। वहीं, समाजसेवियों ने सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की जरूरत भी बताई। #AnnapurnaMuhim #Humanity #SocialService #Nawada #Bihar #sanewsmp #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏कर्म क्या है❓
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