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ਅਜੈ - Author on ShareChat
ਅਜੈ
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#Gulzar poetry📖 and shayari#📝📝
सब कुछ ठीक होने की उम्मीद में, इंसान कितना कुछ सह लेता है ! ज़िन्दगी गुलज़ार है
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    शिकायते बहुत है इंसान की फ़ितरत में धूप से परेशान था, आज बारिश से है कल ज़िन्दगी गुलज़ार है शिकायते बहुत है इंसान की फ़ितरत में धूप से परेशान था, आज बारिश से है कल ज़िन्दगी गुलज़ार है
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