pandit shivi❤️🚩🥰
#🔴 क्राइम अपडेट _____ कुछ लोग मनुस्मृति का विरोध करते हैं कि, उसमें महिलाओं के अधिकारों को दबा कर रखा गया था, महिलाओं को बोलने की पढ़ने की , आजादी नहीं थी।
ठीक है मान लेते हैं कि इनकी बातें सही हैं, तो ये लोग कहते हैं कि संविधान ने ये अधिकार महिलाओं को दिया ठीक है तो उन लोगों से एक सवाल है मेरा?
की जब संविधान ने हमें बोलने , पढ़ने लिखने ,खाने पीने की आजादी दी , तो फिर आज महिलाएं सुरक्षित kiu nahi,जबकि आज संविधान है कानून है, प्रशासन है, मनुस्मृति में महिलाओं को आजादी नहीं थी इसीलिए इतने क्राइम नहीं हो रहे थे, महिलाएं सुरक्षित थीं, फिर भी मनुस्मृति गलत थी ठीक है , फिर संविधान बनने के बाद इतनी आजादी मिली फिर भी महिलाओं को जिंदा जलाया जा रहा kiu? कोई जवाब देगा।