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#राम #🙏हनुमान चालीसा🏵 #🙏शक्ति की महिमा- हनुमान🪔 #🙏 जय हनुमान #🙏🏻हनुमान जी के भजन
राम - बिबिध तप तीनिहुँ भाई। कीन्ह परम उग्र नहिं बरनी सो जाई।। गयउ निकट तप देखि बिधाता मागहु बर प्रसन्न मैं ताता। | १७६/1 , बालकाण्ड  श्रीरामचरितमानस| भावार्थ -तीनों भाइयों ने अनेक प्रकार की बड़ी ही कठिन तपस्या की जिसका वर्णन नहीं किया जा सकता।तप देखकर ब्रह्मा जी उनके पास गए और बोले- हे तात!मैं प्रसन्न हूं॰वर मांगो । बिबिध तप तीनिहुँ भाई। कीन्ह परम उग्र नहिं बरनी सो जाई।। गयउ निकट तप देखि बिधाता मागहु बर प्रसन्न मैं ताता। | १७६/1 , बालकाण्ड  श्रीरामचरितमानस| भावार्थ -तीनों भाइयों ने अनेक प्रकार की बड़ी ही कठिन तपस्या की जिसका वर्णन नहीं किया जा सकता।तप देखकर ब्रह्मा जी उनके पास गए और बोले- हे तात!मैं प्रसन्न हूं॰वर मांगो । - ShareChat