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#सतभक्ति संदेश कबीर योग (भक्ति) के अंग पाँच हैं, संयम मनन एकान्त । विषय त्याग नाम रटन, होये मोक्ष निश्चिन्त ।। भावार्थ:- भक्ति के चार आवश्यक पहलु है। संयम यानि प्रत्येक कार्य में संयम बरतना चाहिए। धन संग्रह करने में, बोलने में, खाने-पीने में, विषय भोगों में संयम रखे यानि भक्त को कम बोलना चाहिए, विषय विकारों का त्याग करना चाहिए। परमात्मा का भजन तथा परमात्मा की वाणी प्रवचनों का मनन करना अनिवार्य है। ऐसे साधना तथा मर्यादा पालन करने से मोक्ष निश्चित प्राप्त होता है। FOR MORE INFORMATION CALL US +
सतभक्ति - ठ Tt कबीर 9 योग ( भक्ति ) के अंग पाँच हैं , মযস মনন ৎকাল[ विषय त्याग नाम रटन , होये मोक्ष निश्चिन्त। | भावार्यः- भक्ति के चार आवश्यक पहलु है। संयम यानि प्रत्येक कार्य में संयम बरतना चाहिए | घन संग्रह करने में, बोलने में, खाने ्पीने में, विषय भोगों में संयम रखे चाहिए यानि भक्त को कम बोलना विषय विकारों का चाहिए परमात्मा का भजन तया परमात्मा व्याग करन की वाणी प्रवचनों का मनन करना अनिवार्य है। ऐसे साघना तथा मर्यादा पालन करने से मोक्ष निश्चित प्राप्त होता है। FOR MOREINFORMATION CALLUS +91 8222-880-541 Follow us on Satlok Ashram संत रामपाल जी महाराज से जुड़ने के लिए संपर्क करें :- +९१ ८२२२ ८८० ५४१ ठ Tt कबीर 9 योग ( भक्ति ) के अंग पाँच हैं , মযস মনন ৎকাল[ विषय त्याग नाम रटन , होये मोक्ष निश्चिन्त। | भावार्यः- भक्ति के चार आवश्यक पहलु है। संयम यानि प्रत्येक कार्य में संयम बरतना चाहिए | घन संग्रह करने में, बोलने में, खाने ्पीने में, विषय भोगों में संयम रखे चाहिए यानि भक्त को कम बोलना विषय विकारों का चाहिए परमात्मा का भजन तया परमात्मा व्याग करन की वाणी प्रवचनों का मनन करना अनिवार्य है। ऐसे साघना तथा मर्यादा पालन करने से मोक्ष निश्चित प्राप्त होता है। FOR MOREINFORMATION CALLUS +91 8222-880-541 Follow us on Satlok Ashram संत रामपाल जी महाराज से जुड़ने के लिए संपर्क करें :- +९१ ८२२२ ८८० ५४१ - ShareChat