हमारी संसद में
नेहरू पर बहस होगी
इंदिरा गांधी पर बहस होगी
वंदे मातरम पर बहस होगी
1947 पर बहस होगी
सरदार पटेल पर बहस होगी
नेहरू को चार्जशीट किया जाएगा
महापुरुषों में दोष ढूंढे जाएंगे
जो भी होगा, सब 50 साल पीछे का होगा
बस स्वनामधन्य नॉनबायोलॉजिकल महामानव और उनके काम पर कोई बहस नहीं होगी। जानते हैं क्यों?
क्योंकि अयोग्यता की कुंठा, पुराने देशविरोधी कृत्यों को लेकर ऐतिहासिक शर्म, भ्रष्टाचार व षडयंत्र से भरी राजनीति और जड़ता संपन्न दृष्टिहीनता इनको आगे देखने नहीं देती....
. ##कौशिक-राज़... ✍️

