विश्व साक्षरता दिवस की मैं आप सभी शिक्षकों,शिक्षित युवाओं तथा देश के नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।विश्व साक्षरता दिवस की अग्रेजी World Literacy Day होती है।विश्व साक्षरता दिवस (अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस) 1967 में पहली बार मनाया गया था.इसे यूनेस्को द्वारा 1966 में घोषित किया गया था,जिसका उद्देश्य व्यक्तियों,समुदायों और समाजों के लिए साक्षरता के महत्व पर प्रकाश डालना है.
यह दिन व्यक्तियों के लिए साक्षरता के महत्व को उजागर करता है और अधिक न्यायपूर्ण व टिकाऊ समाज बनाने में मदद करता है.
भारत का सबसे साक्षर राज्य केरल है जिसकी साक्षरता 95% है जबकि देश में सबसे कम साक्षरता वाला राज्य बिहार है।हाल के आंकड़ों के अनुसार,आंध्र प्रदेश और बिहार भारत के सबसे कम साक्षर राज्यों में से हैं.2025 के आंकड़ों के अनुसार आंध्र प्रदेश की साक्षरता दर सबसे कम (72.6%) है, जिसके बाद बिहार (74.3%) और फिर मध्य प्रदेश (75.2%) आते हैं जबकि उत्तर प्रदेश की साक्षरता दर 72.6% है।जो भी व्यक्ति पढ़ लिख सकता है उसे हम साक्षर की श्रेणी में रखते हैं।भारत की वर्तमान साक्षरता दर 74% है।ऐसा बोला जाता है कि एक शिक्षित समाज ही एक विकसित राष्ट्र का निर्माण करता है।इस दिवस को मनाने का उद्देश्य भी यही है कि अधिक से अधिक लोगों को साक्षर किया जाए।दक्षिण अफ्रीका के प्रथम अश्वेत राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला जी ने शिक्षा के महत्व को बताते हुए कहा था कि शिक्षा सबसे शक्तिशाली हथियार है जिससे हम दुनिया बदल सकते है।शिक्षा हमे सच को सच तथा गलत को गलत कहने का बल देती है।आइए विश्व साक्षरता दिवस पर हम सभी आज संकल्प ले कि समाज में लोगो को शिक्षा का महत्व बतायेंगे तथा लोगो को अधिक से अधिक साक्षर करने के लिए प्रेरित करेगे तभी यह दिवस मनाना सार्थक होगा।शिक्षा के माध्यम से ही समाज तथा देश के पिछड़ेपन को दूर किया जा सकता है।शिक्षा सवालो की जननी भी है. "मिटे अज्ञान का अंधेरा काला फैले ज्ञान का उजाला"📝📝📝📝📖📖📖🖍️🖍️🖍️✏️✏️ #students group #🌞 Good Morning🌞 #💐अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस #🖍अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस📚 #अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
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