#गोरक्षनाथ वाणी #ओम शिवगोरक्ष #!! ओम चैतन्य मच्छिन्द्रनाथाय नमः !! #ओम श्री नवनाथाय नमः #ओम चैतन्य कानिफनाथाय नमः
ॐ नमो आदेश गुरुजी सत् नमो आदेश
आदेश माया मच्छिंद्रनाथजी को आदेश
ॐ शिव गोरक्षनाथाय नम:!!
अथ श्री चौरासी सिद्ध चालिसा प्रारंभ्यते
श्री गुरु गणनायक, सिमर शारदा का आधार!
कहूॅ सुयश श्री नाथ का, निजमती के अनुसार!
श्री गुरु गोरक्षनाथ के चरणों में आदेश!
जिनके योग प्रताप को जाने सकल नरेश
जय श्री नाथ निरंजन स्वामी, घट घट के तुम अन्तर्यामी!
दीन दयालु दया के सागर, सप्तद्विप नवखंड उजागर!
अदि पुरुष अद्वैत निरंजन, निर्विकल्प निर्भर दुःख भंजन!
अजर अमर अविचल अविनाशी, ऋद्धि सिद्धी चरणों की दासी!
श्री गुरु गोरक्षनाथ के चरणों में आदेश
बाल यती ज्ञानी सुखकारी, श्री गुरु नाथ परम हितकारी,
रूप अनेक जगत में धारे, भगत जनों के संकट टारे!
सुमिरन चौरंगी जब किन्हा हुए प्रसन्न अमर पद दिन्हा!
सिद्धों के सरताज मनावो, नवनाथों के नाथ कहवो!
श्री गुरु गोरक्षनाथ के चरणों में आदेश
जिनका नाम लिए भय जाल आवागमण मिटे तत्काल!
आदि नाथ मत्स्येंद्र पिर, घोरम नाथधुंन्धली विर!
कपिल मुनि चर्पट कण्डेरी, नीम नाथ पारस चंदेरी!
परशुराम जमदग्नि नन्दन, रावण मार राम रघुनंदन!
श्री गुरु गोरक्षनाथ के चरणों में आदेश
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