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#रहस्य
रहस्य - भारत में कई मदिर हैं यहां स्थानीय परम्परा और तांत्रिक रीति के अनुसार मांस मछली चिकन का भोग लगाया जाता है चढ़ाया जाता है। और बाद में प्रशाद के रूप में भगतों में वितरित किया जाता है। प्रमुख मदिर कामाख्या देवी मदिर असम॰ ५१ शक्ति पीठों में से एक तंत्र विद्या का केंद्र। भगत मांस और मछली का भोग लगाते हैं जो बाद में प्रशाद के रूप में बांटा जाता है। मुनियादि स्वामी मदिर নামিললাভ্তু মযানাল मदुराई मुनियादि (शिव अवतार) कों मटन चिकन बिरयानी  चढाई जाती है वार्षिक मेले में हजारों भगतों को मिलता है प्रशाद। गोरखपुर, देवी मदिर प्रदेश तरकुलहा उत्तर मनोकामना पूरी होने पर बकरे की बली दी जाती है | मिट्टी के बर्तनों मेँ पकाकर प्रशाद वितरित Cஎ किया जाता है। काली घाट मदिर कोलकाता बकरे की बली के बाद मांस प्रशाद के रूप में बंटता है। दक्षिणेश्वर काली मदिर कोलकाता भगतों को मछली के मांस के रूप में प्रशाद मिलता ऊ भारत में कई मदिर हैं यहां स्थानीय परम्परा और तांत्रिक रीति के अनुसार मांस मछली चिकन का भोग लगाया जाता है चढ़ाया जाता है। और बाद में प्रशाद के रूप में भगतों में वितरित किया जाता है। प्रमुख मदिर कामाख्या देवी मदिर असम॰ ५१ शक्ति पीठों में से एक तंत्र विद्या का केंद्र। भगत मांस और मछली का भोग लगाते हैं जो बाद में प्रशाद के रूप में बांटा जाता है। मुनियादि स्वामी मदिर নামিললাভ্তু মযানাল मदुराई मुनियादि (शिव अवतार) कों मटन चिकन बिरयानी  चढाई जाती है वार्षिक मेले में हजारों भगतों को मिलता है प्रशाद। गोरखपुर, देवी मदिर प्रदेश तरकुलहा उत्तर मनोकामना पूरी होने पर बकरे की बली दी जाती है | मिट्टी के बर्तनों मेँ पकाकर प्रशाद वितरित Cஎ किया जाता है। काली घाट मदिर कोलकाता बकरे की बली के बाद मांस प्रशाद के रूप में बंटता है। दक्षिणेश्वर काली मदिर कोलकाता भगतों को मछली के मांस के रूप में प्रशाद मिलता ऊ - ShareChat