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#गायत्री मंत्र 🌀नित्य गायत्री जप का महत्व 🌀 " यानपात्रे च याने च प्रवासे राजवेश्मीन । परां सिद्धिमवाप्नोति सावित्रीं द्युत्तमां पठन् ।। " जो मनुष्य जहाज में या किसी सवारी में बैठने पर - अथवा राजदरबार में जाने पर मन - ही - मन उत्तम गायत्रीमंत्र का जप करता है - वह परम सिद्धि को प्राप्त होता है । " न च राजभयं तेषां न पिशाचान्न राक्षसात् । नाग्न्यम्बु पवनव्यालाद भयं तस्योपजायते ।। " गायत्री जप करने से द्विज को राजा - पिशाच - राक्षस - आग - पानी - हवा - और सर्प आदि का भय नहीं होता। " नाग्निर्दहति काष्ठानि सावित्री यत्र पठ्यते । न तत्र बालो म्रियते न च तिष्ठन्ति पन्नगा ।। " जहाँ गायत्री जप किया जाता है - उस घर के काठ के किवाडों में आग नहीं लगती - वहाँ बालक की मृत्यु नहीं होती - तथा उस घर में साँप नहीं टिकते हैं । इसलिए द्विजों नित्य गायत्री का जप करना चाहिए। 🚩 हर हर महादेव 🚩
गायत्री मंत्र - আরসী মঁস আরসী মঁস - ShareChat