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#✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 #🎙️मशहूर शायरों की शायरी✍️ #Gulzar ki shyari #guljar ki shayari #🎤 महफिल ए शायरी
✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 - dailyshayaris com वो मोहब्बत भी तुम्हारी थी नफरत भी : 2, 5R हम अपनी वफ़ा का इंसाफ किससे माँगते. वो शहर भी तुम्हारा था वो अदालत भी तुम्हारी थी Gulzar saab dailyshayaris com वो मोहब्बत भी तुम्हारी थी नफरत भी : 2, 5R हम अपनी वफ़ा का इंसाफ किससे माँगते. वो शहर भी तुम्हारा था वो अदालत भी तुम्हारी थी Gulzar saab - ShareChat