#गंगा
#गंगावतरण 🙏🏾
आवाहयाम्यहं देवि
गंगे परमेश्वरी।
प्रणम्यत्मात्र सन्तुष्टा
भगवति विष्णुवल्लभे।।
(हे देवी गंगे! मैं आपको
आमंत्रित करता हूँ,
जो परमेश्वरी और
विष्णुवल्लभा हैं,
आप संतुष्ट हों।)
"ॐ नमो गंगायै विश्वरुपिणी
नारायणी नमो नमः"
(हे विश्वरूपा,नारायणी,गंगा देवी!
आपको नमस्कार है।)
"गंगे त्रिभुवनतारिणि तरलतरंगे।
शंकरमौलिविहारिणि विमले
मम मतिरास्तां तव पदकमले॥"
(हे गंगा! त्रिभुवन को तारने वाली,
चंचल लहरों वाली,शंकर के मस्तक
पर विहार करने वाली,हे निर्मल देवी!!
मेरी बुद्धि आपके चरण
कमलों में लगी रहे।)
"मनोहरोत्तुङ्गचलत्तरङ्गा,
विभूषितानङ्ग रिपूत्तमाङ्गा।
सद्यः कृतानेकजनार्तिभङ्गा
गङ्गा ममाङ्गान्यमली करोतु॥"
(मन को हरने वाली,
ऊँची-ऊँची लहरों वाली,
काम-रिपु (शिव)के उत्तम
अंग को सुशोभित करने वाली,
अनेक जनों के कष्टों को तुरंत
हरने वाली गंगा मेरे अंगों को
पवित्र करें।)
हर हर महादेव 🙏🏾
हर हर गंगे🙏🏾


