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#सतभक्ति संदेश पाप कर्म- संत रामपाल जी शास्त्र विधि त्यागकर मनमाना आचरण करके भक्ति कर्म करना, चोरी, परस्त्री से बलात्कार, परस्त्री को दोष दृष्टि से देखना, माँस-मदिरा, नशीली वस्तुओं का सेवन, रिश्वत लेना, डाके मारना, हिंसा करना आदि-आदि अशुभ कर्म हैं यानि पाप कर्म हैं। 2
सतभक्ति - பகுf- T7 TTIa  1 शास्त्र विधि त्यागकर मनमाना आचरण करके भक्ति कर्म करना , चोरी , परस्त्री से बलात्कार, परस्त्री को दोष दृष्टि से देखना , माँस मदिरा, नशीली वस्तुओं का सेवन , रिश्वत लेना , डाके मारना , हिंसा करना आदि आदि अशुभ कर्म हैं यानि पाप कर्म हैं। Follow us on Satlok Ashram संत रामपाल जी महाराज से जुड़ने के लिए संपर्क करें : +९१ ८२२२ ८८० ५४१ பகுf- T7 TTIa  1 शास्त्र विधि त्यागकर मनमाना आचरण करके भक्ति कर्म करना , चोरी , परस्त्री से बलात्कार, परस्त्री को दोष दृष्टि से देखना , माँस मदिरा, नशीली वस्तुओं का सेवन , रिश्वत लेना , डाके मारना , हिंसा करना आदि आदि अशुभ कर्म हैं यानि पाप कर्म हैं। Follow us on Satlok Ashram संत रामपाल जी महाराज से जुड़ने के लिए संपर्क करें : +९१ ८२२२ ८८० ५४१ - ShareChat