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श्रीमद्भागवत गीता #श्रीमद्भागवत गीता ज्ञान 🪴पापों से मुक्ति का सरल उपाय – श्रीकृष्ण उपदेश‼️ “यो मामजमनादिं च वेत्ति लोकमहेश्वरम्, असम्मूढः स मर्त्येषु सर्वपापैः प्रमुच्यते।” — भगवद्गीता 10.3 जो मुझे अजन्मा, अनादि तथा सम्पूर्ण लोकों का परमेश्वर रूप में तत्त्व से जान लेता है,वह मनुष्यों में असम्मूढ़ (अज्ञानरहित) होकर समस्त पापों से मुक्त हो जाता है। क्योंकि जब कोई “मुझे वास्तव में जैसा हूँ वैसा” जान लेता है, तो उसके भीतर का अज्ञान नष्ट हो जाता है; और अज्ञान के नष्ट होते ही पाप स्वतः समाप्त हो जाते हैं। यही ज्ञान-योग का सीधा, गूढ़ और दिव्य फल है।
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