#दोस्तों के नाम एक ग़ज़ल -
गुजरे ना एक पल हाल बेहाल है
तेरे बगैर जीना क्या मरना मुहाल है।
यारी के आसमान के हम चांद तारे
बारे में अपने औरों के अजब ख्याल है।
दुनिया की मर्दुमशुमारी में फकत हम दो
करे कोई बराबरी क्या मजाल है।
बुरा वक्त आया गया आगे का नहीं पता
निभाई, निभाएंगे तलक विसाल है।
जिगर यारबास की जान दोस्त उसके
बिन यार के दिन लगता एक साल है।
#जिगर_चूरूवी


