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#कन्या पूजन का महत्व
कन्या पूजन का महत्व - कन्या पूजन का महत्व और फ़ल नवरात्र में कन्या पूजन का विशेष महत्व है अष्टमी और नवमी तिथि को लोग तीन से नो वर्ष की कन्याओं का पूजन करने की परंपरा है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार कन्याएं साक्षात् दुर्ग का रुप होती है। ऐसा माना जाता है कि कन्या पूजन करने से व्यक्ति को विभिन्न प्रकार के लाभ होते हैं। एक कन्या की पूजा करने ऐश्र्वर्य, दो कन्या की पूजा से भोग और मोक्ष, तीन कन्या की पूजा करने से धर्म अर्थ काम। चार कन्या की पूजा करने से राज्यपद पांच की पूजा करते से विद्या। कन्या छह कन्या की पूजा करने से छह प्रकार की सिद्धियां। सात कन्या पूजन से राजसता, आठ कन्या की पूजा करने से संपत्ति और नौ कन्याओं की पूजा करने से पृथ्वी पर प्रभुत्व की प्राप्ति होती है। इस प्रकार कन्या पूजन से विभिन्न प्रकार की सिद्धियां और आशीर्वाद प्राप्त होते हैं। कन्या पूजन का महत्व और फ़ल नवरात्र में कन्या पूजन का विशेष महत्व है अष्टमी और नवमी तिथि को लोग तीन से नो वर्ष की कन्याओं का पूजन करने की परंपरा है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार कन्याएं साक्षात् दुर्ग का रुप होती है। ऐसा माना जाता है कि कन्या पूजन करने से व्यक्ति को विभिन्न प्रकार के लाभ होते हैं। एक कन्या की पूजा करने ऐश्र्वर्य, दो कन्या की पूजा से भोग और मोक्ष, तीन कन्या की पूजा करने से धर्म अर्थ काम। चार कन्या की पूजा करने से राज्यपद पांच की पूजा करते से विद्या। कन्या छह कन्या की पूजा करने से छह प्रकार की सिद्धियां। सात कन्या पूजन से राजसता, आठ कन्या की पूजा करने से संपत्ति और नौ कन्याओं की पूजा करने से पृथ्वी पर प्रभुत्व की प्राप्ति होती है। इस प्रकार कन्या पूजन से विभिन्न प्रकार की सिद्धियां और आशीर्वाद प्राप्त होते हैं। - ShareChat