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#गुलज़ार शायरी
गुलज़ार शायरी - 3 ~ICT-T समझने वाले तो ख़ामोशी भी समझ लेते है ना समझने वाले जज़्बातों का भी मज़ाक बना देते है। अभ्युदय साहित्य गुलज़ार : 3 ~ICT-T समझने वाले तो ख़ामोशी भी समझ लेते है ना समझने वाले जज़्बातों का भी मज़ाक बना देते है। अभ्युदय साहित्य गुलज़ार : - ShareChat