ShareChat
click to see wallet page
search
राग रैदास #संतो की रचनायें
संतो की रचनायें - "Z' बपुरौ सति रैदास कहै। ग्यान बिचारि नांइ चित राखै, हरि कै सरनि रहै रे।। टेक।| पाती तोड़ै पूज रचावै, तारण तिरण कहै रे। मांहि बसै परमेसुर, तौ पांणी मांहि तिरै মুনি रे।।१।। त्रिबिधि संसार कवन बिधि तिरिबौ , जे दिढ नांव न गहै रे। छाड़ि जे डूंगै बैठे, तौ दूणां दूख सहै रे।।२I| नाव गुरु कौं सबद अरु सुरति कुदाली, खोदत कोई लहै रे। रांम काहू कै बाटै न आयौ , सोनैं कूल बहै रे।। 3// झूठी माया जग डहकाया , तो तनि ताप दहै रे। माया काहू कै संगि कहै रैदास रांम जपि रसनां, न न रहै रे।।४।| (संत रैदास) Motivational Videos App Want "Z' बपुरौ सति रैदास कहै। ग्यान बिचारि नांइ चित राखै, हरि कै सरनि रहै रे।। टेक।| पाती तोड़ै पूज रचावै, तारण तिरण कहै रे। मांहि बसै परमेसुर, तौ पांणी मांहि तिरै মুনি रे।।१।। त्रिबिधि संसार कवन बिधि तिरिबौ , जे दिढ नांव न गहै रे। छाड़ि जे डूंगै बैठे, तौ दूणां दूख सहै रे।।२I| नाव गुरु कौं सबद अरु सुरति कुदाली, खोदत कोई लहै रे। रांम काहू कै बाटै न आयौ , सोनैं कूल बहै रे।। 3// झूठी माया जग डहकाया , तो तनि ताप दहै रे। माया काहू कै संगि कहै रैदास रांम जपि रसनां, न न रहै रे।।४।| (संत रैदास) Motivational Videos App Want - ShareChat