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#✍️ अनसुनी शायरी #🎤 महफिल ए शायरी #एक रचना रोज ...✍︎✍︎ #💚 लाइफ़ की शायरी #✍️ साहित्य एवं शायरी
✍️ अनसुनी शायरी - खोज में ना उलझें कि "भगवान" है या नहीं . सोच ये रखें कि हम खुद "इंसान" हैं या नहीं . 100 खामोशियां.. खोज में ना उलझें कि "भगवान" है या नहीं . सोच ये रखें कि हम खुद "इंसान" हैं या नहीं . 100 खामोशियां.. - ShareChat