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#✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🌟देखिए खास ज्योतिष उपाय #💰आर्थिक समस्याओं का समाधान🔯 #🙏 प्रेरणादायक विचार #🌸 सत्य वचन
✡️ज्योतिष समाधान 🌟 - पद्मावता यक्षणी साधना सुख, सौभाग्य देने के लिये जानो जाती है।  ப, साधक को यक्षणो  रातोरात धनवान हा जाता है।ये সানা लक्षमी को सहचरीं यक्षणी  साथक रसका जैसे ही होते है, ये यक्षणी शो धन वर्षा " सारे कार्य धनदा यक्षणी {Tii೯ / 51 7 ` ह रोती  बाने में सक्षम  মাঘনা বিখি अष्टहमो को शुरू को जा सकती है | पीपल के पेड़ ये साधना शुक्ल पक्ष को =े नीचे ये साधना करे तो जल्दी फल मिलता है , नहीं तो घर में ही कर ले। रात को सापक नहा धोकर लाल वस्त्र पहन कर लाल आसन पर उत्तर मुख होकर  बठे। सबसे पहले गुरू गणेश इष्ट कुल देव आदि का पंचोपचार पूजा कर लें शिवजी , कुबेर जी , इन्द्र देव का भी पूजन कर लें, बाद माता लक्ष्मी को इसके  और उनसे प्रार्थना करेॅं कि॰मेरी साधना सफल हो।फिर पदमावता पूजा कर आवाहन् कर्रें, संकल्प ले ले, घेरा लगाकर करें , घर में करें तो जरूरी " यक्षणी का नहीं है। सामने लाल सिन्दूर से या रोली से एक स्वास्तिक बनाये, उसके बीच  में घो का दोपक जलाये। पानी का एक लोटा लें उसके ऊपर पानी वाला एक नारियल स्थापित करें, उस पर भी स्वास्तिक बनाये, उसे अपने दायो साइड  स्थपिंत कर्रे । अगरबत्ती जलाकर पूजा करें, रोली कुमकुम सिन्दूर से पूजा करें लल फूल चढ़ाये | सामने सफेद या लाल कपड़े प़र एक चाँदो का सिक्का रखें उस पर देवी को आसन दें। सफेद या लाल मिठाई का भोग दें॰ मोठा पान दें।  की क्षमा गलती  उसके बाद मंत्र का इक्कीस माला का जाप करें । जाप के बाद  पँगे और वही कमरे में सो जाये। ये साधना पूर्णिमा तक करनी है उस दिनदेवी  पहना दें को माल प्रकट होकर सब बता देगी | देवी के प्रकट होने पर কুলী  খন খান্ সা পনন आपको  য মাঘনা दिन को মিলাব্ধ সর্ম ২ ২ | সান্ন সাব 44 <4 पदमावती यक्षणी मंत्र  आकस्मिक धनम् देहि देहि स्वाहा 30 पद्यावती यक्षणी मम् पद्मावता यक्षणी साधना सुख, सौभाग्य देने के लिये जानो जाती है।  ப, साधक को यक्षणो  रातोरात धनवान हा जाता है।ये সানা लक्षमी को सहचरीं यक्षणी  साथक रसका जैसे ही होते है, ये यक्षणी शो धन वर्षा " सारे कार्य धनदा यक्षणी {Tii೯ / 51 7 ` ह रोती  बाने में सक्षम  মাঘনা বিখি अष्टहमो को शुरू को जा सकती है | पीपल के पेड़ ये साधना शुक्ल पक्ष को =े नीचे ये साधना करे तो जल्दी फल मिलता है , नहीं तो घर में ही कर ले। रात को सापक नहा धोकर लाल वस्त्र पहन कर लाल आसन पर उत्तर मुख होकर  बठे। सबसे पहले गुरू गणेश इष्ट कुल देव आदि का पंचोपचार पूजा कर लें शिवजी , कुबेर जी , इन्द्र देव का भी पूजन कर लें, बाद माता लक्ष्मी को इसके  और उनसे प्रार्थना करेॅं कि॰मेरी साधना सफल हो।फिर पदमावता पूजा कर आवाहन् कर्रें, संकल्प ले ले, घेरा लगाकर करें , घर में करें तो जरूरी " यक्षणी का नहीं है। सामने लाल सिन्दूर से या रोली से एक स्वास्तिक बनाये, उसके बीच  में घो का दोपक जलाये। पानी का एक लोटा लें उसके ऊपर पानी वाला एक नारियल स्थापित करें, उस पर भी स्वास्तिक बनाये, उसे अपने दायो साइड  स्थपिंत कर्रे । अगरबत्ती जलाकर पूजा करें, रोली कुमकुम सिन्दूर से पूजा करें लल फूल चढ़ाये | सामने सफेद या लाल कपड़े प़र एक चाँदो का सिक्का रखें उस पर देवी को आसन दें। सफेद या लाल मिठाई का भोग दें॰ मोठा पान दें।  की क्षमा गलती  उसके बाद मंत्र का इक्कीस माला का जाप करें । जाप के बाद  पँगे और वही कमरे में सो जाये। ये साधना पूर्णिमा तक करनी है उस दिनदेवी  पहना दें को माल प्रकट होकर सब बता देगी | देवी के प्रकट होने पर কুলী  খন খান্ সা পনন आपको  য মাঘনা दिन को মিলাব্ধ সর্ম ২ ২ | সান্ন সাব 44 <4 पदमावती यक्षणी मंत्र  आकस्मिक धनम् देहि देहि स्वाहा 30 पद्यावती यक्षणी मम् - ShareChat