ShareChat
click to see wallet page
search
#जय माँ गायत्री जय गुरुवर
जय माँ गायत्री जय गुरुवर - सुभापितम प्रजासुखे सुखं राज्ञः प्रजानां च हिते हितम्। नात्मप्रियं प्रियं राज्ञः प्रजानां तु प्रियं प्रियम्।। प्रजा के सुख में जनप्रतिनिधि का सुख है, प्रजा के हित प्रिय कुछ मेंही उसका हित है। जनसेवक का अपना  नहीं है, प्रजा का प्रिय ही उसका प्रिय होता है। सुभापितम प्रजासुखे सुखं राज्ञः प्रजानां च हिते हितम्। नात्मप्रियं प्रियं राज्ञः प्रजानां तु प्रियं प्रियम्।। प्रजा के सुख में जनप्रतिनिधि का सुख है, प्रजा के हित प्रिय कुछ मेंही उसका हित है। जनसेवक का अपना  नहीं है, प्रजा का प्रिय ही उसका प्रिय होता है। - ShareChat