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#satnam waheguru ji #satnam shri waheguru ji #Meetha Lage Tera bhana #Eek Tu Hi Guru Ji
satnam waheguru ji - मेरी खामोशी लेगी बदला मेरा बहुत करीब होने काजो स्वांग रचाते थे मेरे अपने अक्सर आज उन्हीं अपनों की महफ़िल में खुद को कोसों दूर पाया है मैंने...!! जिन्हें मेरी जरूरत थी, वे तो हक जताकर पास आ बैठे,पर जब मुझे किसी कंधे की दरकार थी॰ तो हर हाथ खाली पाया है मैंने.. ! ! रिश्तों की इस नुमाइश में, सभी ने हाल तो पूछा मेरा,मगर सब ठीक है॰ के नकाब के पीछे, अपनों से ही अपना दर्द छुपाया है मैंने.. !! अजीब कशमकश है इस मतलबी दौर ए रिश्तेदारी की,जहाँ बिना जरूरत के, अपनों को भी गैरों की कतार में खड़ा पाया है मैंने..!! आज खामोशी की ओढ़नी ओढ़ ٩, कर, शोर से किनारा कर लिया है अपनों की भीड़ का हिस्सा बनने से बेहतर, खुद को खुद के साथ अकेला खडा पाया है মন ! ! मेरी खामोशी लेगी बदला मेरा बहुत करीब होने काजो स्वांग रचाते थे मेरे अपने अक्सर आज उन्हीं अपनों की महफ़िल में खुद को कोसों दूर पाया है मैंने...!! जिन्हें मेरी जरूरत थी, वे तो हक जताकर पास आ बैठे,पर जब मुझे किसी कंधे की दरकार थी॰ तो हर हाथ खाली पाया है मैंने.. ! ! रिश्तों की इस नुमाइश में, सभी ने हाल तो पूछा मेरा,मगर सब ठीक है॰ के नकाब के पीछे, अपनों से ही अपना दर्द छुपाया है मैंने.. !! अजीब कशमकश है इस मतलबी दौर ए रिश्तेदारी की,जहाँ बिना जरूरत के, अपनों को भी गैरों की कतार में खड़ा पाया है मैंने..!! आज खामोशी की ओढ़नी ओढ़ ٩, कर, शोर से किनारा कर लिया है अपनों की भीड़ का हिस्सा बनने से बेहतर, खुद को खुद के साथ अकेला खडा पाया है মন ! ! - ShareChat