ShareChat
click to see wallet page
search
#satnam waheguru ji #satnam shri waheguru ji #Meetha Lage Tera bhana
satnam waheguru ji - हलतुपलतुदुङलेहु सवारिए रामनामु अंतरिउरिधारिग अर्थः गुरुाजी जीवको समझाते हैं कि्हे इंसान! तू कुछ ऐसा कर जिससे तेरा यह वर्तमान जीवन भी सुखी और गरिमापूर्ण हो जाए, और जब तू इस संसार से जाए॰ तो तेरा परलोक भी सुधर जाए। यानी तेरी आत्मा का मीठा कल्याण हो जाए। यहां हलतुः यह लोक यह वर्तमान जीवन, जिसमें हम अभी जी रहे हैं। पलतुः परलोक आगे का जीवन या आत्मा की अगली यात्रा। दुइ लेहु सवारिः इन दोनों को ही संवार लो सुधार लो मेरे भाई। अब लगे है कि ये दोनों लोक ' कैसे? गुरु जी इसका उपाय सुधरेंगे ' सवाल उठता बताते हैं कि अपने हृदय के भीतर उस परमात्मा के नाम को हमेशा के से जुड़ लिए बसा ले। जब भीतरसे परमात्मा तेरा दुनिया अक्सर सोचती हैं कि अध्यात्म या ईश्वर की भक्ति केवल मरने के बाद के लिए है, लेकिन सिख धर्म में हलतु (इस लोक) को भी उतना ही की मुक्ति ' महत्व दिया गया है। गुरु अर्जुन देव जी समझा रहे हैं कि परमात्मा का सिमरन कोई ऐसी चीज़ नहीं है जो आपको इस दुनिया से दूर करे। बल्कि भाणा जब आप सच्चे दिल से ईश्वर को याद रखते हैं। आपके मन को शांति मिलती है, आप सही और ईमानदारी के रास्ते पर चलते हैं अच्छे कर्मों और नाम सिमरन की बदौलत आपकी आत्मा को परमात्मा के चरणों में स्थान मिलता है, और वह जनम ्मरण के चक्र से मुक्त हो जाती हहै संक्षेप में, परमात्मा का नाम आपके आज' और आपके 'कल' दोनों को खूबसूरत बना #rT ೯l हलतुपलतुदुङलेहु सवारिए रामनामु अंतरिउरिधारिग अर्थः गुरुाजी जीवको समझाते हैं कि्हे इंसान! तू कुछ ऐसा कर जिससे तेरा यह वर्तमान जीवन भी सुखी और गरिमापूर्ण हो जाए, और जब तू इस संसार से जाए॰ तो तेरा परलोक भी सुधर जाए। यानी तेरी आत्मा का मीठा कल्याण हो जाए। यहां हलतुः यह लोक यह वर्तमान जीवन, जिसमें हम अभी जी रहे हैं। पलतुः परलोक आगे का जीवन या आत्मा की अगली यात्रा। दुइ लेहु सवारिः इन दोनों को ही संवार लो सुधार लो मेरे भाई। अब लगे है कि ये दोनों लोक ' कैसे? गुरु जी इसका उपाय सुधरेंगे ' सवाल उठता बताते हैं कि अपने हृदय के भीतर उस परमात्मा के नाम को हमेशा के से जुड़ लिए बसा ले। जब भीतरसे परमात्मा तेरा दुनिया अक्सर सोचती हैं कि अध्यात्म या ईश्वर की भक्ति केवल मरने के बाद के लिए है, लेकिन सिख धर्म में हलतु (इस लोक) को भी उतना ही की मुक्ति ' महत्व दिया गया है। गुरु अर्जुन देव जी समझा रहे हैं कि परमात्मा का सिमरन कोई ऐसी चीज़ नहीं है जो आपको इस दुनिया से दूर करे। बल्कि भाणा जब आप सच्चे दिल से ईश्वर को याद रखते हैं। आपके मन को शांति मिलती है, आप सही और ईमानदारी के रास्ते पर चलते हैं अच्छे कर्मों और नाम सिमरन की बदौलत आपकी आत्मा को परमात्मा के चरणों में स्थान मिलता है, और वह जनम ्मरण के चक्र से मुक्त हो जाती हहै संक्षेप में, परमात्मा का नाम आपके आज' और आपके 'कल' दोनों को खूबसूरत बना #rT ೯l - ShareChat