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# Dil ki awaaz # Dil ki awaaz # Dil ki awaaz
Dil ki awaaz - 11:14 Vg uill 00 88 Rees 9)৬ Dil Ke Alfaaz AAlanz | @dilkealfaaz पत्थरों के शहर में कच्चे मकान कौन रखता हैं, आजकल हवा के लिए रोशनदान कौन रखता है। अपने घर की कलह से फुर्सत मिले तो सुनो, आजकल पराई दीवार पर कान कौन रखता हैं। " जहाँ, जब, जिसका जी चाहा थूक दिया, = आजकल हाथ में पीकदान कौन रखता हैं। 166 खुद ही पंख लगाकर उड़ा देते हैं चिड़ियों को, आजकल परिंदों में जान कौन रखता हैं। हर चीज़ मुअय्या हैं मेरे शहर में किस्तों पर, पर लगाम कौन रखता हैं। हसरतों 1 সাতকল बहलाकर छोड़ आते हैं वूद्धाश्रम में माँ-बाप को, 9 अजकल हष्ट में घ्व्ानवा सामान ्फनि रखता है। 19 बदलते दौर की कड़वी:सच्चाई more 11:14 Vg uill 00 88 Rees 9)৬ Dil Ke Alfaaz AAlanz | @dilkealfaaz पत्थरों के शहर में कच्चे मकान कौन रखता हैं, आजकल हवा के लिए रोशनदान कौन रखता है। अपने घर की कलह से फुर्सत मिले तो सुनो, आजकल पराई दीवार पर कान कौन रखता हैं। जहाँ, जब, जिसका जी चाहा थूक दिया, = आजकल हाथ में पीकदान कौन रखता हैं। 166 खुद ही पंख लगाकर उड़ा देते हैं चिड़ियों को, आजकल परिंदों में जान कौन रखता हैं। हर चीज़ मुअय्या हैं मेरे शहर में किस्तों पर, पर लगाम कौन रखता हैं। हसरतों 1 সাতকল बहलाकर छोड़ आते हैं वूद्धाश्रम में माँ-बाप को, 9 अजकल हष्ट में घ्व्ानवा सामान ्फनि रखता है। 19 बदलते दौर की कड़वी:सच्चाई more - ShareChat