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#❤️अस्सलामु अलैकुम #assalamualaikum
❤️अस्सलामु अलैकुम - नमाज़ इस्लाम का सबसे अहम हिस्सा है। रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमायाः "बंदे और कुफ्र के बीच फर्क नमाज़ है।" नमाज़ सिर्फ एक इबादत नहीं , बल्कि वह रिश्ता है जो इंसान को सीधे अल्लाह से जोड़ता है। जब इंसान नमाज़ छोड़ देता है॰ तो धीरेनधीरे उसका दिल भी कमजोर लगता है और वह गुनाहों की 81+ तरफ आसानी से बढ़ जाता है इसलिए चाहे हालात कैसे भी हों, नमाज़ को अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाएं, क्योंकि यही वह अमल है जो और आखिरत दोनों को सुधार देता है। S अल्लाह ! हमें नमाज़ की पाबंदी कर्ने वाला बना दे। Ameen नमाज़ इस्लाम का सबसे अहम हिस्सा है। रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमायाः "बंदे और कुफ्र के बीच फर्क नमाज़ है।" नमाज़ सिर्फ एक इबादत नहीं , बल्कि वह रिश्ता है जो इंसान को सीधे अल्लाह से जोड़ता है। जब इंसान नमाज़ छोड़ देता है॰ तो धीरेनधीरे उसका दिल भी कमजोर लगता है और वह गुनाहों की 81+ तरफ आसानी से बढ़ जाता है इसलिए चाहे हालात कैसे भी हों, नमाज़ को अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाएं, क्योंकि यही वह अमल है जो और आखिरत दोनों को सुधार देता है। S अल्लाह ! हमें नमाज़ की पाबंदी कर्ने वाला बना दे। Ameen - ShareChat