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#✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 #✍️ अनसुनी शायरी #💌शब्द से शायरी✒️ #✍️ साहित्य एवं शायरी
✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 - खुदा न बदल सका आदमी को आज भी॰   और अब तक आदमी ने सैकड़ों ख़ुदा बदल डाले..!! खुदा न बदल सका आदमी को आज भी॰   और अब तक आदमी ने सैकड़ों ख़ुदा बदल डाले..!! - ShareChat