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jogendar Kumar - Author on ShareChat
jogendar Kumar
973 views • 1 days ago
#आज का शुभ विचार #🌹🙏 सुप्रभात 🙏🌹
शुभ प्रभात शान्त, सुखद एवं सुनहरे दिन की मंगल कामनाओं के साथ সান কালীন নমন !! हृदय से नमस्कार शुभ प्रभात शान्त, सुखद एवं सुनहरे दिन की मंगल कामनाओं के साथ সান কালীন নমন !! हृदय से नमस्कार
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  • jogendar Kumar - Author on ShareChat
    jogendar Kumar
    #आज का शुभ विचार #🌹🙏 सुप्रभात 🙏🌹 #🌞गुड मॉर्निंग☕🌞
    ईश्वर का ` 5% 3k মিন্গ मार्गदर्शन का दोनों ही जीवन को प्रकाशित कर देते हैं..!! ईश्वर का ` 5% 3k মিন্গ मार्गदर्शन का दोनों ही जीवन को प्रकाशित कर देते हैं..!!
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  • jogendar Kumar - Author on ShareChat
    jogendar Kumar
    #आज का शुभ विचार #🌞गुड मॉर्निंग☕🌞 #🌹🙏 सुप्रभात 🙏🌹
    নরমদী जी कैसे हैं 3114? নরমদী जी कैसे हैं 3114?
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  • Gopal Raj - Author on ShareChat
    Gopal Raj
    #आज का सुविचार #❤️जीवन की सीख #🌙 गुड नाईट
    रेटी भी खाने में तभी अच्छी लगती है, जब उसे दोनों तर से सेका जाए जीवन में ढीक उसी तरह R2d भी तभी अच्छे रहते हैं, कभी ्कभी कुदरत जान बूझकर हमें जब उन्हें दोनों तर से मुश्किल हालातों में निभाया : डालती है ताकि, उन लोगों के चेहरों पर लगे SIIUboodo नकाब देख सके जिन पर हम आँख मूँदकर भरोसा करते हैं GK Raja Raja रेटी भी खाने में तभी अच्छी लगती है, जब उसे दोनों तर से सेका जाए जीवन में ढीक उसी तरह R2d भी तभी अच्छे रहते हैं, कभी ्कभी कुदरत जान बूझकर हमें जब उन्हें दोनों तर से मुश्किल हालातों में निभाया : डालती है ताकि, उन लोगों के चेहरों पर लगे SIIUboodo नकाब देख सके जिन पर हम आँख मूँदकर भरोसा करते हैं GK Raja Raja
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  • Gopal Raj - Author on ShareChat
    Gopal Raj
    #आज का सुविचार #🌙 गुड नाईट
    दुनियूरअ्क हिसाब है अक्सर ই, कद्र करती  आपकी जाती है, ৪ী खत्म जरूरत चेहण आपकी সন और असली  का Rai कई तब आजाता है। खामोश रहना सामने किसी इंसान की कमज़ोरी नहीं, उसका बडप्पन होता है। वरना जिसको सहुना आता है, उसका कह्ना भ आता है। Raja GK Raja GK दुनियूरअ्क हिसाब है अक्सर ই, कद्र करती  आपकी जाती है, ৪ী खत्म जरूरत चेहण आपकी সন और असली  का Rai कई तब आजाता है। खामोश रहना सामने किसी इंसान की कमज़ोरी नहीं, उसका बडप्पन होता है। वरना जिसको सहुना आता है, उसका कह्ना भ आता है। Raja GK Raja GK
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  • Paras Nath Kaushik - Author on ShareChat
    Paras Nath Kaushik
    #🙏🌞 सुप्रभात 🌞🙏 #🌞गुड मॉर्निंग☕🌞 #आज का विचार #🎉💐शुभकामनाएं संदेश 💐🎉
    शुभ प्रभात "अनुशासन" कष्ट देता है सिर्फ शुरुआत में, लेकिन "आदतें " तुम्हें राजा बनाती हैं बाद में। शुभ प्रभात "अनुशासन" कष्ट देता है सिर्फ शुरुआत में, लेकिन "आदतें " तुम्हें राजा बनाती हैं बाद में।
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  • jogendar Kumar - Author on ShareChat
    jogendar Kumar
    #आज का शुभ विचार #🌹🙏 सुप्रभात 🙏🌹 #🌞गुड मॉर्निंग☕🌞
    आज का शुभ विचार #######1## ######## नहीं जानता कल क्या होगा , यह कोई हमारे पास केवल आज है, इसलिए आज को मुस्कुराकर, अच्छे कर्मों के साथ और पूरे उत्साह से जीना ही जीवन की सबसे बड़ी सफलता है। नमस्ते जी आज का शुभ विचार #######1## ######## नहीं जानता कल क्या होगा , यह कोई हमारे पास केवल आज है, इसलिए आज को मुस्कुराकर, अच्छे कर्मों के साथ और पूरे उत्साह से जीना ही जीवन की सबसे बड़ी सफलता है। नमस्ते जी
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  •  - Author on ShareChat
    𝓥𝓔𝓔𝓝𝓐 𝓦𝓡𝓘𝓣𝓣𝓔𝓡
    #good morning #happy saturday #शुभ शनिवार💐 #आज #आज का विचार
    good morning, happy saturday
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  • jogendar Kumar - Author on ShareChat
    jogendar Kumar
    #आज का शुभ विचार #status Kavita #❤️जीवन की सीख #🌹🙏 सुप्रभात 🙏🌹
    fag जीवन के ~d अच्छे घर का होना जरूरी नहीं बल्कि घर का अच्छा माहोल रूरी है..!! fag जीवन के ~d अच्छे घर का होना जरूरी नहीं बल्कि घर का अच्छा माहोल रूरी है..!!
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  • jogendar Kumar - Author on ShareChat
    jogendar Kumar
    #आज का शुभ विचार #🌹🙏 सुप्रभात 🙏🌹 #status Kavita
    ব্রূীিনা विक रहा हैं पानी, पवन बिक न जाए, बिक गयी हैं धरती , गगन बिक न जाए, चाँद पर भी बिकने लगी हैं ज़मीं , डर हैं की सूरज की तपन बिक न जाए, हर जगह बिकने लगी हैं स्वार्थ नीति, डर हैं की कहीं धर्म बिक न जाए, देकर दहेज खरीदा गया हैं अब दूल्हे को, कहीं उसी के हाथों दुल्हन बिक न जाए, हर काम की रिश्वत ले रहे अब ये नेता, कहीं इन्हीं के हाथों वतन बिक न जाए॰ सारे आम बिकने लगे अब तो सांसद, डर हैं की कहीं संसद भवन बिक मरा तो भी आँखें खुली न जाए, आदमी हैं मुर्दा, की कहीं कफन बिक 5$8, डरता न जाए। ব্রূীিনা विक रहा हैं पानी, पवन बिक न जाए, बिक गयी हैं धरती , गगन बिक न जाए, चाँद पर भी बिकने लगी हैं ज़मीं , डर हैं की सूरज की तपन बिक न जाए, हर जगह बिकने लगी हैं स्वार्थ नीति, डर हैं की कहीं धर्म बिक न जाए, देकर दहेज खरीदा गया हैं अब दूल्हे को, कहीं उसी के हाथों दुल्हन बिक न जाए, हर काम की रिश्वत ले रहे अब ये नेता, कहीं इन्हीं के हाथों वतन बिक न जाए॰ सारे आम बिकने लगे अब तो सांसद, डर हैं की कहीं संसद भवन बिक मरा तो भी आँखें खुली न जाए, आदमी हैं मुर्दा, की कहीं कफन बिक 5$8, डरता न जाए।
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