ShareChat
click to see wallet page
search
प्रेम भी एक तीर्थयात्रा जैसा होता है… जहाँ पहले मन को पुराने दुखों, शोर और बोझ से मुक्त करना पड़ता है। मैंने भी अब सब कुछ प्रभु को सौंप दिया है... मन का सारा कलुष, सारी बेचैनियाँ। अब जो शेष है, वो केवल शांत, निर्मल और शाश्वत प्रेम है। तूफ़ान आते हैं, लेकिन सच्चा प्रेम अंत में अरदास बनकर ही ठहरता है। 🙏 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - प्रेम भी एक तीर्थयात्रा जैसा होता है. जहाँ पहले मन को पुराने दुखों से मुक्त शोर और बोझ करना पडता है। मैंने भी अब सब कुछ सौंप दिया है प्रभु को मन का सारा कलुष, सारी बेचैनियाँ। अब जो शेष है, वो केवल शांत , निर्मल और शाश्वत प्रेम है। तूफ़ान आते हैं, लेकिन सच्चा प्रेम अंत में अरदास बनकर ही ठहरता है। #श्लोक प्रेम भी एक तीर्थयात्रा जैसा होता है. जहाँ पहले मन को पुराने दुखों से मुक्त शोर और बोझ करना पडता है। मैंने भी अब सब कुछ सौंप दिया है प्रभु को मन का सारा कलुष, सारी बेचैनियाँ। अब जो शेष है, वो केवल शांत , निर्मल और शाश्वत प्रेम है। तूफ़ान आते हैं, लेकिन सच्चा प्रेम अंत में अरदास बनकर ही ठहरता है। #श्लोक - ShareChat