M P SINGH
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जय श्रीकृष्ण🙏राधे राधे🙏
प्रेम वह नहीं जो हर समय साथ रहने की माँग करे,प्रेम वह है जो दूरी में भी सम्मान और विश्वास बनाए रखे जहाँ अधिकार कम और समझ अधिक हो,वहीं प्रेम लंबी उम्र पाता है। ‼️🙏🦚 *जय श्रीराधेकृष्ण* 🦚🙏‼️ #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
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हमारी हर सोच जीवन की धरती में बोया गया वह बीज है जो दिशा और दशा तय करती है,सोच दो प्रकार की होती है "सकारात्मक" और "नकारात्मक",आज दुनियाँ में जो कुछ सुंदर और महान दिखता है वह सकारात्मक सोच का ही परिणाम है। ‼️🙏🦚 *जय श्रीकृष्ण* 🦚🙏‼️ #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
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आपके कितने भी मित्र क्यों न हों किन्तु सर्वगुण सम्पन्न विद्वान व्यक्ति को भी अपना मित्र अवश्य बनाना चाहिये,जैसे समुद्र को अथाह जलराशि के होते हुए भी ज्वार उत्पन्न करने के लिये चन्द्रमा की आवश्यकता पड़ती है। 🪷🪷 *जय सियाराम* 🪷🪷 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
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*संसार सुंदर चीजों को बचाने की कोशिशों में लगा रहता है,इसी बीच कम सुंदर चीजें अकेली पड़कर मजबूत हो जाती हैं,यही प्रकृति का न्याय है।* 🪷🪷 *हर हर महादेव* 🪷🪷 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
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कर्मों की स्याही से ही भाग्य का विधान लिखा जाता है,सत्य के मार्ग पर चलें,क्योंकि न्याय के देवता की दृष्टि से कुछ नहीं छिपता। *शुभ प्रभात* ☀️ *जय शनिदेव* 🙏 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
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*शनिकृपया जीवनं स्थिरं न्यायमयं च,*   *संयमः धैर्यं विवेकश्च नित्यं वर्धते।* *यं शनैश्वरं सच्चे हृदय से स्मरते,*   *सः क्लेशं त्यक्त्वा धर्ममार्गं लभते।।* शनिदेव की कृपा से जीवन में अनुशासन,धैर्य और न्याय का वास होता है,जहाँ शनिदेव की दृष्टि शुभ होती है,वहाँ कष्ट नहीं केवल कर्मों का उचित फल मिलता है। *जय शनिदेव महाराज* 🙏🙏      #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
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बीच में बैठीं भानु-दुलारी चहुँ ओर सखियाँ हैं प्यारी जैसे चंदा के संग चमके तारों की टोली कोउ सँवारे केश कोई इत्र लगावें कोउ प्रेम सौ मीठे गीत सुनावें कोउ रिझावे श्यामा जू को सखी ललिता जू मान सिखावें विशाखा अपनी वाणी सौ रसामृत बरसावें चम्पकलता दिव्य पकवान बनावें प्यारी जू को भोग लगावें सखी चित्रा प्रियप्रीतम कौ अति सुंदर चित्र बनावें तुंगविद्या संगीत की ज्ञाता वीणा सुमधुर बजावें इन्दुलेखा करें नीति की बातें सबको प्रेम करनो सिखावें रंगदेवी चंदन को लेप करें देह को महकावें और सुदेवी जल सेवा कर शीतल सुख पहुंचात इन अष्ट सखियों की स्वामिनी राधा और राधा के वश में हैं श्याम अष्टसखी के मण्डल में ही नित सजते हैं चारों धाम सखियों संग निकुंज मैं श्री राधे नित रास रचात देख छटा अद्भुत उनकी देवों की आंखें हैं थक जाती बिना सखी की कृपा मिले ना मिलता कृष्ण का प्रेम सखी इन सखियों की सेवा का ही फल 'राधा-कृष्ण' का नाम है राधे राधे ❣️ #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
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देवैः कृतं श्रीलक्ष्मीस्तोत्रम् देवा ऊचुः । क्षमस्व भगवत्यम्ब क्षमाशीले परात्परे । शुद्धसत्त्वस्वरूपे च कोपादिपरिवर्जिते ॥ १॥ उपमे सर्वसाध्वीनां देवीनां देवपूजिते । त्वया विना जगत्सर्वं मृततुल्यं च निष्फलम् ॥ २॥ सर्वसम्पत्स्वरूपा त्वं सर्वेषां सर्वरूपिणी । रासेश्वर्यधिदेवी त्वं त्वत्कलाः सर्वयोषितः ॥ ३॥ कैलासे पार्वती त्वं च क्षीरोदे सिन्धुकन्यका । स्वर्गे च स्वर्गलक्ष्मीस्त्वं मर्त्यलक्ष्मीश्च भूतले ॥ ४॥ वैकुण्ठे च महालक्ष्मीर्देवदेवी सरस्वती । गङ्गा च तुलसी त्वं च वृन्दा वृन्दावने वने ॥ ५॥ कृष्णप्राणाधिदेवी त्वं गोलोके राधिका स्वयम् । रासे रासेश्वरी त्वं च वृन्दा वृन्दावने वने ॥ ६॥ कृष्णप्रिया त्वं भाण्डीरे चन्द्रा चन्दनकानने । विरजा चम्पकवने शतश‍ृङ्गे च सुन्दरी ॥ ७॥ पद्मावती पद्मवने मालती मालतीवने । कुन्ददन्ती कुन्दवने सुशीला केतकीवने ॥ ८॥ कदम्बमाला त्वं देवी कदम्बकाननेऽपि च । राजलक्ष्मी राजगेहे गृहलक्ष्मीर्गृहे गृहे ॥ ९॥ इत्युक्तवा देवताः सर्वे मुनयो मनवस्तथा । रुरुदुर्नम्रवदनाः शुष्ककण्ठोष्ठतालुकाः ॥ १०॥ इति लक्ष्मीस्तवं पुण्यं सर्वदेवैः कृतं शुभम् । यः पठेत्प्रातरुत्थाय स वै सर्वं लभेद्ध्रुवम् ॥ ११॥ अभार्योलभते भार्यां विनीतां च सुतां सतीम् । सुशीलां सुन्दरीं रम्यामतिसुप्रियवादिनीम् ॥ १२॥ पुत्रपौत्रवतीं शुद्धां कुलजां कोमलां वराम् । अपुत्रो लभते पुत्रं वैष्णवं चिरजीविनम् ॥ १३॥ परमैश्वर्ययुक्तं च विद्यावन्तं यशस्विनम् । भ्रष्टराज्यो लभेद्राज्यं भ्रष्टश्रीर्लभते श्रियम् ॥ १४॥ हतबन्धुर्लभेद्बन्धुं धनभ्रष्टो धनं लभेत् । कीर्तिहीनो लभेत्कीर्तिं प्रतिष्ठां च लभेद्ध्रुवम् ॥ १५॥ सर्वमङ्गलदं स्तोत्रं शोकसन्तापनाशनम् । हर्षानन्दकरं शश्वद्धर्ममोक्षसुहृत्प्रदम् ॥ १६॥ इति श्रीब्रह्मवैवर्तपुराणे श्रीकृष्णजन्मखण्डे उत्तरे षट्पञ्चाशत्तमाध्यायान्तर्गतं श्रीलक्ष्मीस्तोत्रं संपूर्णम्। ❣️ 🪷❤️🪷❤️🪷💙🪷🩵🪷❤️ 🪷🧡🪷🩶🪷🤍🪷💛🪷 🙏🙏 ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः 🙏 हर हर महादेव 🙏 जय ब्रह्मदेव 🙏 ॐ महालक्ष्म्यै नमो नमः ॐ विष्णुप्रिययै नमो नमः ॐ धनप्रदायै नमो नमः ॐ विश्वजनन्यै नमो नमः जय माता दी 🪷🙏 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
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जानकि त्वां नमस्यामि सर्वपापप्रणाशिनीम् । दारिद्र्यरणसंहर्त्रीं भक्तानामिष्टदायिनीम् विदेहराजतनयां राघवानन्दकारिणीम् । भूमेर्दुहितरं विद्यां नमामि प्रकृतिं शिवाम् श्री रामप्रिया जानकी आपका अभीष्ट सिद्ध करें।आपका मनोरथ पूर्ण हो । शुभ प्रभात ,मंगल कामना , #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
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*"योग: कर्मसु कौशलम्"* *कर्मों में कुशलता ही योग है।* ​यदि कोई व्यक्ति बिना योग्यता के किसी जिम्मेदारी वाले पद पर बैठता है तो वह अपने 'स्वधर्म' का पालन नहीं कर पाएगा,इससे न केवल उस व्यक्ति का पतन होता है बल्कि पूरे समाज की व्यवस्था बिगड़ती है। *धृतराष्ट्र ने योग्यता को नकार कर पुत्र मोह में अयोग्यता का वरण किया और सर्वनाश को प्राप्त हुआ,योग्यता फिर से श्रेष्ठता को प्राप्त हुई,अतः काल चक्र की चिंता को त्याग कर कर्म ही करना चाहिए।* *जय श्रीकृष्ण* 🪷🪷🙏🙏 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
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