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Manish - Author on ShareChat
Manish
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Rajyasabha - tmc ke rajyasabha mp prakash chik ka resign #tmc #mamta Banarjee
ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) में टूट जारी है। गुरुवार को एक और राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बड़ाईक ने इस्तीफा दे दिया। पिछले चार दिनों में तीन राज्यसभा सांसद ममता को छोड़कर ' UIT सुष्मिता देव ने रिजाइन किया था। चुके हैं। कल यानी १० जून को 8 जून को सुखेंदु शेखर ने राज्यसभा सदस्यता और पार्टी छोड़़ी थी। अब तक TMC के लोकसभा में २८ में से २० और राज्यसभा में १३ में से 3 सांसद, यानी कुल २३ सांसद टूट चुके हैं। वहीं, बंगाल गुट बना चुके हैं। ৯ 80 ম যী 58 TMC বিখাযব্ধ ওল शयर प्रकाश चिक बड़ाईक ने राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन को इस्तीफा सौंपा | ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) में टूट जारी है। गुरुवार को एक और राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बड़ाईक ने इस्तीफा दे दिया। पिछले चार दिनों में तीन राज्यसभा सांसद ममता को छोड़कर ' UIT सुष्मिता देव ने रिजाइन किया था। चुके हैं। कल यानी १० जून को 8 जून को सुखेंदु शेखर ने राज्यसभा सदस्यता और पार्टी छोड़़ी थी। अब तक TMC के लोकसभा में २८ में से २० और राज्यसभा में १३ में से 3 सांसद, यानी कुल २३ सांसद टूट चुके हैं। वहीं, बंगाल गुट बना चुके हैं। ৯ 80 ম যী 58 TMC বিখাযব্ধ ওল शयर प्रकाश चिक बड़ाईक ने राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन को इस्तीफा सौंपा |
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    Manish
    Tmc ke 20 bagi mps ka ncpi me vilay #mamta Banarjee #tmc #ncpi #bagi mps
    TMC के २० बागी सांसदों का NCPI में विलयः 3 साल पहले पतिनपत्नी ने यह पार्टी बनाई थी; नारा था- दलबदलू नेताओं को नकारो कोलकाता/नई दिल्ली घंटे पहले 1 011ಇ8 JAGO BISWA उत्तिया, शेउली कुंडू 0.58 शेयर हावड़ा में NCPI ऑफिस के बाहर सोमवार को सुरक्षा बढा दी गई है। तृणमूल कांग्रेस के २० बागी सांसदों के विलय के बाद नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) चर्चा में है। रिकॉर्ड के अनुसार, 3 साल पहले २०२३ में बंगाल के उत्तिया कुंडू और शेउली कुंडू नाम के कपल ने पार्टी की नींव रखी थी। TMC के २० बागी सांसदों का NCPI में विलयः 3 साल पहले पतिनपत्नी ने यह पार्टी बनाई थी; नारा था- दलबदलू नेताओं को नकारो कोलकाता/नई दिल्ली घंटे पहले 1 011ಇ8 JAGO BISWA उत्तिया, शेउली कुंडू 0.58 शेयर हावड़ा में NCPI ऑफिस के बाहर सोमवार को सुरक्षा बढा दी गई है। तृणमूल कांग्रेस के २० बागी सांसदों के विलय के बाद नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) चर्चा में है। रिकॉर्ड के अनुसार, 3 साल पहले २०२३ में बंगाल के उत्तिया कुंडू और शेउली कुंडू नाम के कपल ने पार्टी की नींव रखी थी।
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    Manish
    Tmc me fut ke bad aage kya ho sakta hai ? Janiye #tmc #mamta Banarjee
    TMC में फूट के बाद आगे क्या हो सकता है..9 संभावनाएं कानूनी लड़ाई तेज होगीः ममता गुट और बागी गुट विधानसभा, चुनाव आयोग और अदालतों में अपनी अपनी वैधता साबित करने कोशिश करेंगे। दल-बदल कानून की परीक्षाः बागी विधायकों के पास दो-तिहाई संख्या होने का दावा है, इसलिए उनकी मान्यता पर बड़ा कानूनी विवाद हो सकता है। १ में और टूट फूट संभवः कुछ विधायक, सांसद और जिला 187 स्तर के नेता भी पक्ष चुन सकते हैं, जिससे दोनों गुटों की ताकत बदल सकती है। बनर्जी डैमेज कंट्रोल करेंगीः असंतुष्ट नेताओं को मनाने , ममता संगठन में बदलाव और नए चेहरों को आगे लाने की कोशिश हो सकती है। भाजपा और कांग्रेस नजर बनाए रखेंगीः विपक्षी दल TMC के संकट का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं। स्थानीय निकाय और उपचुनावों पर असरः अगर फूट गहरी हुई तो में TMC के वोट बैंक और संगठन पर असर पड़ आने वाले శTIat : सकता है। नहीं हुआ नई पार्टी या अलग गुट बन सकता हैः यदि समझौता स्थायी गुट के रूप में तो बागी खेमे के अलग राजनीतिक दल या उभरने की संभावना है। INDIA गठबंधन की राजनीति प्रभावित होगीः ममता बनर्जी की राष्ट्रीय राजनीति में भूमिका और INDIA ब्लॉक के भीतर उनकी 81 ताकत पर असर पड़ सकता सबसे बड़ा सवाल- TMC किसकी? आने वाले दिनों में असली लडाई सिर्फ विधायकों की संख्या की नहीं, बल्कि पार्टी के नाम , संगठन और राजनीतिक विरासत की होगी। TMC में फूट के बाद आगे क्या हो सकता है..9 संभावनाएं कानूनी लड़ाई तेज होगीः ममता गुट और बागी गुट विधानसभा, चुनाव आयोग और अदालतों में अपनी अपनी वैधता साबित करने कोशिश करेंगे। दल-बदल कानून की परीक्षाः बागी विधायकों के पास दो-तिहाई संख्या होने का दावा है, इसलिए उनकी मान्यता पर बड़ा कानूनी विवाद हो सकता है। १ में और टूट फूट संभवः कुछ विधायक, सांसद और जिला 187 स्तर के नेता भी पक्ष चुन सकते हैं, जिससे दोनों गुटों की ताकत बदल सकती है। बनर्जी डैमेज कंट्रोल करेंगीः असंतुष्ट नेताओं को मनाने , ममता संगठन में बदलाव और नए चेहरों को आगे लाने की कोशिश हो सकती है। भाजपा और कांग्रेस नजर बनाए रखेंगीः विपक्षी दल TMC के संकट का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं। स्थानीय निकाय और उपचुनावों पर असरः अगर फूट गहरी हुई तो में TMC के वोट बैंक और संगठन पर असर पड़ आने वाले శTIat : सकता है। नहीं हुआ नई पार्टी या अलग गुट बन सकता हैः यदि समझौता स्थायी गुट के रूप में तो बागी खेमे के अलग राजनीतिक दल या उभरने की संभावना है। INDIA गठबंधन की राजनीति प्रभावित होगीः ममता बनर्जी की राष्ट्रीय राजनीति में भूमिका और INDIA ब्लॉक के भीतर उनकी 81 ताकत पर असर पड़ सकता सबसे बड़ा सवाल- TMC किसकी? आने वाले दिनों में असली लडाई सिर्फ विधायकों की संख्या की नहीं, बल्कि पार्टी के नाम , संगठन और राजनीतिक विरासत की होगी।
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    Manish
    Tmc me baghavat #mamta Banarjee #tmc
    শুনিক TMC के ५८ विधायक মাময और २२ सांसद ट्ूटे विधानसभाः TMC के ८० विधायक थे। ३ जून को ५८ विधायकों ने अलग गुट बनाया। लोकसभाः २८ सांसद थे। 8 जून को २० 7 HRal एनडीए को समर्थन देने की बात कही। राज्यसभाः 13 মামন থ| अब तक 2 सांसदों ने इस्तीफा दे दिया। ३ जून को टीएमसी में पहली बार बगावत की खबर सामने आई थी। ५८ बागी विधायकों ने पार्टी से निकाले गए विधायक ऋतब्रत बनर्जी को अपना नेता चुना। विधानसभा स्पीकर रथींद्र बोस को समर्थन पत्र दिया। इसमें मांग की गई कि ऋतब्रत को नेता विपक्ष घोषित किया जाए। स्पीकर ने मंजूरी दे दी। ममता के पास अब सिर्फ २२ विधायक और १९ सांसद बचे टीएमसी के पास कुल २८ लोकसभा सांसद थे, जिसमें से २० हो गए हैं। अब लोकसभा में ममता के पास सिर्फ 8 सांसद अलग बचे हैं। राज्यसभा की बात करें तो १३ में से दो सांसद इस्तीफा दे चुके हैं यानी सिर्फ ११ राज्यसभा सांसद बचे हैं। विधानसभा की बात करें तो टीएमसी ने इस बार के चुनाव में ८० सीटें जीतीं थीं। जिसमें से ५८ विधायक अलग गुट बना चुके हैं। ममता के पास सिर्फ २२ विधायक बचे हैं। শুনিক TMC के ५८ विधायक মাময और २२ सांसद ट्ूटे विधानसभाः TMC के ८० विधायक थे। ३ जून को ५८ विधायकों ने अलग गुट बनाया। लोकसभाः २८ सांसद थे। 8 जून को २० 7 HRal एनडीए को समर्थन देने की बात कही। राज्यसभाः 13 মামন থ| अब तक 2 सांसदों ने इस्तीफा दे दिया। ३ जून को टीएमसी में पहली बार बगावत की खबर सामने आई थी। ५८ बागी विधायकों ने पार्टी से निकाले गए विधायक ऋतब्रत बनर्जी को अपना नेता चुना। विधानसभा स्पीकर रथींद्र बोस को समर्थन पत्र दिया। इसमें मांग की गई कि ऋतब्रत को नेता विपक्ष घोषित किया जाए। स्पीकर ने मंजूरी दे दी। ममता के पास अब सिर्फ २२ विधायक और १९ सांसद बचे टीएमसी के पास कुल २८ लोकसभा सांसद थे, जिसमें से २० हो गए हैं। अब लोकसभा में ममता के पास सिर्फ 8 सांसद अलग बचे हैं। राज्यसभा की बात करें तो १३ में से दो सांसद इस्तीफा दे चुके हैं यानी सिर्फ ११ राज्यसभा सांसद बचे हैं। विधानसभा की बात करें तो टीएमसी ने इस बार के चुनाव में ८० सीटें जीतीं थीं। जिसमें से ५८ विधायक अलग गुट बना चुके हैं। ममता के पास सिर्फ २२ विधायक बचे हैं।
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    Manish
    Tmc ke fut ki 5 reason #tmc #mamta Banarjee
    में फूट  क्यों पड़ रही है TMC 4 ५ वजहें में हारः feI gIq 1 हार के बाद पार्टी नेतृत्व और रणनीति पर चुनावी  सवाल उठने लगे। कई नेताओं ने हार के लिए संगठन को जिम्मेदार ठहराया। अभिषेक बनर्जी का विरोधः 2 पार्टी के एक वर्ग को लगता है कि फैसले कुछ नेताओं तक सीमित हो गए हैं। बागी गुट खुलकर अभिषेक के नेतृत्व पर सवाल उठा रहा है। नेता प्रतिपक्ष को लेकर विवादः 3 ममता गुट और बागी गुट ने अलग-्अलग नाम आगे बढ़ाए, जिससे टकराव खुलकर सामने आ गया। हस्ताक्षर फर्जीवाड़ा मामलाः 1 नेता प्रतिपक्ष के चयन से जुड़े कथित फर्जी हस्ताक्षर विवाद ने पार्टी की अंदरूनी लड़ाई को कानूनी और %w राजनीतिक संकट में बदल दिया। संगठन में असंतोष और गुटबाजीः 5 विधायकों और सांसदों के एक बड़े वर्ग में लंबे समय से असंतोष था, जो हार के बाद चुनावी  ளி बगावत में बदल गया। में फूट  क्यों पड़ रही है TMC 4 ५ वजहें में हारः feI gIq 1 हार के बाद पार्टी नेतृत्व और रणनीति पर चुनावी  सवाल उठने लगे। कई नेताओं ने हार के लिए संगठन को जिम्मेदार ठहराया। अभिषेक बनर्जी का विरोधः 2 पार्टी के एक वर्ग को लगता है कि फैसले कुछ नेताओं तक सीमित हो गए हैं। बागी गुट खुलकर अभिषेक के नेतृत्व पर सवाल उठा रहा है। नेता प्रतिपक्ष को लेकर विवादः 3 ममता गुट और बागी गुट ने अलग-्अलग नाम आगे बढ़ाए, जिससे टकराव खुलकर सामने आ गया। हस्ताक्षर फर्जीवाड़ा मामलाः 1 नेता प्रतिपक्ष के चयन से जुड़े कथित फर्जी हस्ताक्षर विवाद ने पार्टी की अंदरूनी लड़ाई को कानूनी और %w राजनीतिक संकट में बदल दिया। संगठन में असंतोष और गुटबाजीः 5 विधायकों और सांसदों के एक बड़े वर्ग में लंबे समय से असंतोष था, जो हार के बाद चुनावी  ளி बगावत में बदल गया।
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    Manish
    Rajyasabha mp Susmita dev #mamta Banarjee #tmc #rajyasabha
    q सुष्मिता ಕೂಿಹ भास्कर उम्रः ५४ साल जन्म स्थानः सिलचर, असम 421T: वकील और राजनेता fT: संतोष मोहन देव (पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस  Aat) के वरिष्ठ राजनीतिक सफरः असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रवक्ता बनीं | 2013: असम की सिलचर लोकसभा सीट से 2014: পমলী নাং সামব ননী | २०1४-२०१९:   ऑल इंडिया महिला कांग्रेस की अध्यक्ष बनीं | सिलचर सीट से दोबारा चुनाव लड़ा। 2019: भाजपा उम्मीदवार से हारीं। कांग्रेस से इस्तीफा दिया। 2021: पार्टी की कार्यशैली पर सवाल उठाए। बनर्जी की मौजूदगी में तृणमूल ममता 2021: कांग्रेस (TMC) में शामिल हुई। TMC की राष्ट्रीय राजनीति में 2021-2024: V1 সক্রিয মুসিকা নিমা$| TMC ने उन्हें राज्यसभा सांसद बनाया। 2024: पार्टी का प्रमुख चेहरा बनीं। राज्यसभा सांसद से इस्तीफा दिया। 2026: q सुष्मिता ಕೂಿಹ भास्कर उम्रः ५४ साल जन्म स्थानः सिलचर, असम 421T: वकील और राजनेता fT: संतोष मोहन देव (पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस  Aat) के वरिष्ठ राजनीतिक सफरः असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रवक्ता बनीं | 2013: असम की सिलचर लोकसभा सीट से 2014: পমলী নাং সামব ননী | २०1४-२०१९:   ऑल इंडिया महिला कांग्रेस की अध्यक्ष बनीं | सिलचर सीट से दोबारा चुनाव लड़ा। 2019: भाजपा उम्मीदवार से हारीं। कांग्रेस से इस्तीफा दिया। 2021: पार्टी की कार्यशैली पर सवाल उठाए। बनर्जी की मौजूदगी में तृणमूल ममता 2021: कांग्रेस (TMC) में शामिल हुई। TMC की राष्ट्रीय राजनीति में 2021-2024: V1 সক্রিয মুসিকা নিমা$| TMC ने उन्हें राज्यसभा सांसद बनाया। 2024: पार्टी का प्रमुख चेहरा बनीं। राज्यसभा सांसद से इस्तीफा दिया। 2026:
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    Manish
    Tmc rajyasabha mp Susmita dev ne party or pad se kiya resign #mamta Banarjee #tmc
    ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी ) में लगातार टूट जारी है। बुधवार को राज्यसभा सांसद देव ने पार्टी और पद सुष्मिता से इस्तीफा दे दिया। सभापति सीपी राधाकृष्णन ने उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया है। पिछले 3 दिनों में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी ) के दो राज्यसभा सांसद पार्टी छोड़ चुके हैं। इससे पहले 8 जून को सुखेंदु शेखर ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया था, पार्टी भी छोड़ दी थी। टीएमसी के लोकसभा में २८ में से २० सांसद और राज्यसभा में १३ में से 2 सांसद यानी कुल २२ सांसद टूट चुके हैं। 3 जून को बंगाल के ८० में से ५८ विधायक अलग गुट बना चुके हैं। इस गुट ने ऋतब्रत को अपना नेता बनाया है। इस बीच ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात की। एक दिन पहले ममता सोनिया गांधी से मिलीं थीं। मैंने पर्सनल और राजनीतिक भैनिळ कारणों से इस्तीफा दिया है। अब मैं पूरी तरह आजाद हूं। हिमंता जी से सिर्फ औपचारिक मुलाकात की। सुष्मिता देव पूर्व TMC नेता ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी ) में लगातार टूट जारी है। बुधवार को राज्यसभा सांसद देव ने पार्टी और पद सुष्मिता से इस्तीफा दे दिया। सभापति सीपी राधाकृष्णन ने उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया है। पिछले 3 दिनों में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी ) के दो राज्यसभा सांसद पार्टी छोड़ चुके हैं। इससे पहले 8 जून को सुखेंदु शेखर ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया था, पार्टी भी छोड़ दी थी। टीएमसी के लोकसभा में २८ में से २० सांसद और राज्यसभा में १३ में से 2 सांसद यानी कुल २२ सांसद टूट चुके हैं। 3 जून को बंगाल के ८० में से ५८ विधायक अलग गुट बना चुके हैं। इस गुट ने ऋतब्रत को अपना नेता बनाया है। इस बीच ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात की। एक दिन पहले ममता सोनिया गांधी से मिलीं थीं। मैंने पर्सनल और राजनीतिक भैनिळ कारणों से इस्तीफा दिया है। अब मैं पूरी तरह आजाद हूं। हिमंता जी से सिर्फ औपचारिक मुलाकात की। सुष्मिता देव पूर्व TMC नेता
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