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#सामान्य ज्ञान
सामान्य ज्ञान - भारत के राष्ट्रपति के अधिकार देश के संवैधानिक प्रमुख होते हैं। उनके पास निम्नलिखित अधिकार होते हैं- राष्ट्रपति ' १. कार्यपालिक अधिकार २. विधायी अधिकार प्रधानमंत्री की नियुक्ति करते हैं। संसद का सत्र बुलाना, स्थगित करना मंत्रिपरिषद की नियुक्ति करते हैं । और लोकसभा को भंग करना | राज्यपाल, मुख्य न्यायाधीश, चुनाव आयुक्त, संसद द्वारा पास बिलों को मंजूरी देना | नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) आदि जब संसद सत्र में न हो, तब अध्यादेश बड़े पदों पर नियुक्ति करते हैं । जारी करना | को राष्ट्रपति की केंद्र सरकार के सभी कार्य उनके नाम पर धन विधेयक अनुमति चलते हैं । के बिना संसद में पेश नहीं किया जा सकता | ४. वित्तीय अधिकार ३. न्यायिक अधिकार যাঞ্ছপনি কী সনুপনি ক ক্রীর্ৎ সী নিনা राष्ट्रपति को दया याचिका (Pardon), सजा धन विधेयक (Money Bill) संसद में ক্রম (Reprieve), থািন (Respite) যা ঐথা নমী ৪ী মকনা | परिवर्तन (Remit) करने का अधिकार है। वार्षिक बजट राष्ट्रपति की अनुमति से विशेष रूप से मूत्युदंड के मामलों में ही प्रस्तुत होता है। राष्ट्रपति के अंतिम निर्णय का अधिकार भारत की संचित निधि (Consolidated पास होता है। Fund) से कोई भी धन निकालना उनकी अनुमति से ही होता है। ५. आपातकालीन अधिकार राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद ३५२) लागू कर सकते हैं। राज्य में संवैधानिक तंत्र विफल होने पर  (अनुच्छेद ३५६) लगा सकते हैं। राष्ट्रपति शासन वित्तीय आपातकाल (अनुच्छेद ३६०) घोषित कर सकते हैं । खास बात के अधिकतर अधिकार प्रधान्मंत्री और मंत्रिपरिषद की सलाह पर लागू होते हैं, राष्ट्रपति < यानी असली कार्यपालिका शक्ति सरकार के पास होती है। संविधान , हमारा सम्मान GHII भारत के राष्ट्रपति के अधिकार देश के संवैधानिक प्रमुख होते हैं। उनके पास निम्नलिखित अधिकार होते हैं- राष्ट्रपति ' १. कार्यपालिक अधिकार २. विधायी अधिकार प्रधानमंत्री की नियुक्ति करते हैं। संसद का सत्र बुलाना, स्थगित करना मंत्रिपरिषद की नियुक्ति करते हैं । और लोकसभा को भंग करना | राज्यपाल, मुख्य न्यायाधीश, चुनाव आयुक्त, संसद द्वारा पास बिलों को मंजूरी देना | नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) आदि जब संसद सत्र में न हो, तब अध्यादेश बड़े पदों पर नियुक्ति करते हैं । जारी करना | को राष्ट्रपति की केंद्र सरकार के सभी कार्य उनके नाम पर धन विधेयक अनुमति चलते हैं । के बिना संसद में पेश नहीं किया जा सकता | ४. वित्तीय अधिकार ३. न्यायिक अधिकार যাঞ্ছপনি কী সনুপনি ক ক্রীর্ৎ সী নিনা राष्ट्रपति को दया याचिका (Pardon), सजा धन विधेयक (Money Bill) संसद में ক্রম (Reprieve), থািন (Respite) যা ঐথা নমী ৪ী মকনা | परिवर्तन (Remit) करने का अधिकार है। वार्षिक बजट राष्ट्रपति की अनुमति से विशेष रूप से मूत्युदंड के मामलों में ही प्रस्तुत होता है। राष्ट्रपति के अंतिम निर्णय का अधिकार भारत की संचित निधि (Consolidated पास होता है। Fund) से कोई भी धन निकालना उनकी अनुमति से ही होता है। ५. आपातकालीन अधिकार राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद ३५२) लागू कर सकते हैं। राज्य में संवैधानिक तंत्र विफल होने पर  (अनुच्छेद ३५६) लगा सकते हैं। राष्ट्रपति शासन वित्तीय आपातकाल (अनुच्छेद ३६०) घोषित कर सकते हैं । खास बात के अधिकतर अधिकार प्रधान्मंत्री और मंत्रिपरिषद की सलाह पर लागू होते हैं, राष्ट्रपति < यानी असली कार्यपालिका शक्ति सरकार के पास होती है। संविधान , हमारा सम्मान GHII - ShareChat