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#शुभ मुहूर्त #व्रत एवं त्योहार #पूजन विधि
शुभ मुहूर्त - 24-04-26 देवी बगलामुखी प्राकट्योत्सव शुक्रवार वैशाख शुक्ल अष्टमी को देवी बगलामुखी का अवतरण दिवस  मनाया जाता है, पीले पुष्प और नारियल चढाने चढ़ाने से देवी प्रसन्न होतीं हैं। माँ बगलामुखी स्तंभन शक्ति की अधिष्ठात्री हैं अर्थात यह अपने भक्तों के को दूर करके शत्रुओं और उनके बुरी शक्तियों का नाश करती हैं। भय ऊँ ह्लीं बगलामुखी देव्यै ह्लीं ऊँ नमः देवी बगलामुखी का प्राकट्योत्सव वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है, इस बार यह तिथि २४ अप्रैल को है। माँ बगलामुखी स्तंभन शक्ति की अधिष्ठात्री हैं, अर्थात यह अपने भक्तों के और उनके बुरी शक्तियों का नाश करती हैं। भय को दूर करके থান্তুঙী  इन्हें युद्ध और शत्रुओं पर विजय दिलाने वाली देवी माना जाता है। वशीकरण और कीलन की शक्ति देने वाली माँ बगलामुखी के पीतांबरा, ब्रह्मास्त्र रूपिणी आदि नाम भी हैं। बगलामुखी i रंग स्वर्ण के समान पीला होता है अतः साधक को देवी का बगलामुखी की आराधना करते समय पीले वस्त्र ही धारण करना माता चाहिए। 24-04-26 देवी बगलामुखी प्राकट्योत्सव शुक्रवार वैशाख शुक्ल अष्टमी को देवी बगलामुखी का अवतरण दिवस  मनाया जाता है, पीले पुष्प और नारियल चढाने चढ़ाने से देवी प्रसन्न होतीं हैं। माँ बगलामुखी स्तंभन शक्ति की अधिष्ठात्री हैं अर्थात यह अपने भक्तों के को दूर करके शत्रुओं और उनके बुरी शक्तियों का नाश करती हैं। भय ऊँ ह्लीं बगलामुखी देव्यै ह्लीं ऊँ नमः देवी बगलामुखी का प्राकट्योत्सव वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है, इस बार यह तिथि २४ अप्रैल को है। माँ बगलामुखी स्तंभन शक्ति की अधिष्ठात्री हैं, अर्थात यह अपने भक्तों के और उनके बुरी शक्तियों का नाश करती हैं। भय को दूर करके থান্তুঙী  इन्हें युद्ध और शत्रुओं पर विजय दिलाने वाली देवी माना जाता है। वशीकरण और कीलन की शक्ति देने वाली माँ बगलामुखी के पीतांबरा, ब्रह्मास्त्र रूपिणी आदि नाम भी हैं। बगलामुखी i रंग स्वर्ण के समान पीला होता है अतः साधक को देवी का बगलामुखी की आराधना करते समय पीले वस्त्र ही धारण करना माता चाहिए। - ShareChat