Rajen drasingh
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आपका कथन पूर्णतः सत्य एवं प्रेरणादायक है। 18 जुलाई का दिन भारतीय इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज है, क्योंकि इसी दिन भारत की सदियों पुरानी गुलामी को समाप्त करने की कानूनी रूपरेखा तय हुई थी。18 जुलाई, 1947 (शाही स्वीकृति दिवस) का महत्व:ऐतिहासिक घटना: 18 जुलाई 1947 को ब्रिटिश संसद द्वारा पारित 'भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947' को ब्रिटिश क्राउन (शाही स्वीकृति / Royal Assent) प्राप्त हुई。विभाजन और स्वतंत्रता का मार्ग: इस अधिनियम के माध्यम से माउंटबेटन योजना (जून 3 प्लान) को कानूनी मान्यता दी गई, जिसके तहत ब्रिटिश भारत को दो स्वतंत्र राष्ट्रों—भारत और पाकिस्तान—में विभाजित किया जाना था。सत्ता का हस्तांतरण: इसी अधिनियम की धारा के अंतर्गत 15 अगस्त 1947 को भारत को एक संप्रभु राष्ट्र घोषित किया गया और सत्ता भारतीयों के हाथों में सौंप दी गई。इस ऐतिहासिक कानून के मूल दस्तावेज और इससे जुड़े प्रावधानों को समझने के लिए आप ब्रिटानिका और यूके पार्लियामेंट के अभिलेखों के माध्यम से विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।आइए इस ऐतिहासिक दिवस पर अपने अमर बलिदानियों को कोटि-कोटि नमन करें और देश की अखंडता व स्वतंत्रता को अक्षुण्ण रखने का संकल्प लें। #🚀SC बूस्ट के साथ Views को सुपरचार्ज करें #🔴 क्राइम अपडेट #📰 आपके निकट नौकरियाँ #🌐 राष्ट्रीय अपडेट #📹शॉर्ट अपडेट्स वीडियो 🎥
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