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#मेरी कविता #📚कविता-कहानी संग्रह
मेरी कविता - जीवन का अंतिम पड़ाव कोई कितना भी तेज भाग ले श्मशान घाट से आगे जा नहीं सकता कोई कितने ही महल बना ले मिट्टी की इस काया को बचा नहीं सकता कोई कितना भी धन बटोर ले कफ़न में एक भी जेब लगा नहीं सकता कोई कितना भी sf4 काल के आगे अपनी चाल चला नहीं सकता जीत ले चाहे सारा जहां कोई हाथ खाली जाने से खुद को रोक नहीं सकता.. !! स्वाती छीपा जीवन का अंतिम पड़ाव कोई कितना भी तेज भाग ले श्मशान घाट से आगे जा नहीं सकता कोई कितने ही महल बना ले मिट्टी की इस काया को बचा नहीं सकता कोई कितना भी धन बटोर ले कफ़न में एक भी जेब लगा नहीं सकता कोई कितना भी sf4 काल के आगे अपनी चाल चला नहीं सकता जीत ले चाहे सारा जहां कोई हाथ खाली जाने से खुद को रोक नहीं सकता.. !! स्वाती छीपा - ShareChat