_*बात अमल की होती है, किरदार की होती है, हम भले लाख कहते रहे कि हम मुसलमान हैं लेकिन अगर हमारा अमल कुफ्र वाला है तो हम कैसे मुसलमान हैं.?*_
_*हम भले लाख कहते रहे की हम हुसैनी हैं, और हमारा अमल अगर यजीदियों जैसा हो तो फिर हम कैसे हुसैनी हैं.??*_ #कुरान संदेश #🤲 इबादत # अल्लाह हु अक़बर #🤲 नात-ए-शरीफ #🕋🌟 नमाज़-ए-फ़ज्र 🌟🕋